BCCI IPL Owners Meeting: इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के मेगा ऑक्शन से पहले बीसीसीआई और आईपीएल की सभी 10 टीमों के मालिकों के बीच एक बड़ी बैठक का आयोजन किया जा रहा है। बैठक में जिस बड़े सवाल का जवाब दिया जाएगा, वह यह है कि नए सत्र से पहले प्रत्येक टीम को कितने खिलाड़ियों को रिटेन करने की अनुमति होगी। जबकि 2022 की मेगा नीलामी से पहले चार खिलाड़ियों को रिटेन करने की अनुमति दी गई थी, ऐसे सुझाव दिए गए हैं कि इस सीजन में यह संख्या बढ़ सकती है, जबकि राइट टू मैच (आरटीएम) की भी वापसी हो सकती है। वेतन सीमा में भी भारी वृद्धि होने वाली है। इन सभी के अलावा एक और मु्द्दा है जिसे लेकर मालिकों ने बीसीसीआई से मांग उठाई है।
आईपीएल टीम कप्तान (फोटो- BCCI/IPL)
बैठक से फिलहाल ये सामने आया है कि फ्रेंचाइजी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से उन विदेशी खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है, जो नीलामी में खरीदे जाने के बाद आखिरी समय में टूर्नामेंट से बाहर हो जाते हैं। क्रिकबज की एक रिपोर्ट के अनुसार, फ्रेंचाइजियों ने विदेशी खिलाड़ियों के लीग से बाहर होने के लगातार मामलों को उजागर किया है और इसे 'आईपीएल नीलामी प्रक्रिया के प्रति कुछ विदेशी खिलाड़ियों की ओर से सम्मान और प्रतिबद्धता की कमी' करार दिया है।
फ्रेंचाइज ने बीसीसीआई से की नियम बनाने की मांग
रिपोर्ट में कहा गया है कि जेसन रॉय, एलेक्स हेल्स और वानिंदु हसरंगा जैसे कई अन्य खिलाड़ियों ने बिना किसी ठोस कारण के नीलामी में कम बोली मिलने के बाद बिना किसी वैध कारण के लीग से नाम वापस ले लिया है। फ्रेंचाइजियों को इस बात से नाराजगी है कि खिलाड़ी टूर्नामेंट से बाहर होने के लिए निजी कारणों और चोटों को कारण बता रहे हैं। ऐसी खबरें हैं कि आईपीएल बैठक के दौरान इन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और ऐसे खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। इसके अलावा, आईपीएल फ्रेंचाइजियों ने शीर्ष विदेशी खिलाड़ियों के मेगा नीलामी में हिस्सा न लेने और मिनी नीलामी का इंतजार करने के पैटर्न को भी उजागर किया है, जिससे उन्हें अधिक वेतन मिल सके।
