नई दिल्ली: बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच सोमवार को दिल्ली में खेले गए मुकाबले की विश्व कप में सेमीफाइनल के लिहाज से कोई अहमियत नहीं बची थी। लेकिन एंजेलो मैथ्यूज टाइम आउट विवाद ने इस मैच को हमेशा के लिए रिकॉर्ड बुक्स में अमर कर दिया। श्रीलंका के पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर एजेंलो मैथ्यू बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन की अपील पर टाइम आउट करार दिए गए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के 146 साल लंबे इतिहास में किसी खिलाड़ी को पहली बार इस तरह आउट होकर पवेलियन वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
एंजेलो मैथ्यूज
नहीं है फैसले पर कोई मलाल
एंजेलो मैथ्यूज के इस तरह आउट होने की बात क्रिकेट प्रशंसकों को नागवार गुजरी और सभी खेल भावना को दर किनार करने वाले इस निर्णय की आलोचना में जुट गए। ऐसे में 3 विकेट के अंतर से जीत के बाद प्रेजेंटशेन के दौरान बांग्लादेश के कप्तान शाकिब अल हसन ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि उन्हें अपने फैसले का कोई मलाल नहीं है क्योंकि यह नियमों के अनुसार है।
नियमों के अनुरूप हुआ फैसला
शाकिब ने कहा,'जब खेल रुका हुआ था तो एक क्षेत्ररक्षक ने मुझे आकर कहा कि हमें अंपायर से अपील करनी चाहिए क्योंकि काफी समय हो गया है। हमने ऐसा किया और अंपायर ने उसे आउट दिया। मैं उसे अंडर-19 के दिनों से जानता हूं। वह मेरे पास आया और अपील वापस लेने को कहा। मैंने उसे कहा कि मैं आपकी स्थिति को समझता हूं। यह दुर्भाग्यशाली है लेकिन नियमों के अनुसार है।'
आईसीसी को बदल देना चाहिए नियम
खेल भावना से जुड़े सवाल पर शाकिब ने कहा कि अगर ऐसा है तो आईसीसी को नियम बदल देना चाहिए। उन्होंने कहा,'अगर ऐसा है तो आईसीसी को इस पर गौर करना चाहिए और नियम को बदल देना चाहिए।'
(भाषा इनपुट के साथ)
