Asian Games 2023: जो कारनामा पान सिंह तोमर नहीं कर पाए वो अविनाश साबले ने कर दिखाया

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  • Updated Oct 1, 2023, 05:53 PM IST

29 वर्षीय अविनाशा साबले एशियाई खेलों की 3000 मीटर स्टिपल चेज स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बन गए हैं।

हांगझोउ: रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन करने वाले अविनाश साबले एशियाई खेलों में पुरूषों की 3000 मीटर स्टीपलचेस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बन गए। 29 वर्ष के राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी साबले ने हांगझोउ खेलों की एथलेटिक्स स्पर्धा में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। उन्होंने 8:19:50 सेकंड में रेस पूरी की। साबले ने 8:22:79 सेकंड का एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा जो 2018 जकार्ता खेलों में ईरान के हुसैन केहानी ने बनाया था। सुधा सिंह ने 2010 ग्वांग्झू एशियाई खेलों में महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।

Avinash Sable

अविनाश साबले

स्वप्ना बर्मन हुईं पदक की रेस से बाहर

इससे पहले गत चैंपियन भारत की हेप्टाथलन खिलाड़ी स्वप्ना बर्मन चोटों से जूझने के कारण भाला फेंक स्पर्धा के बाद हेप्टाथलन स्पर्धा से पदक की दौड़ से लगभग बाहर हो गईं। भाला फेंक में 52.55 मीटर का निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली स्वप्ना दो दिवसीय कड़ी प्रतियोगिता की इस स्पर्धा में 45.13 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास ही कर सकीं। सात स्पर्धाओं की इस प्रतियोगिता में अब सिर्फ एक स्पर्धा बची है। स्वप्ना ने 2018 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय हेप्टाथलन खिलाड़ी बनने के दौरान जो दो स्पर्धाएं जीती थी उनमें भाला फेंक भी शामिल था।

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