ICC Women's World Cup 2025: आस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला वनडे विश्व कप का अपना सर्वोच्च स्कोर 330 रन बनाने के बावजूद भारतीय महिला टीम को तीन विकेट से मिली हार के बाद कोच अमोल मजूमदार ने इस मुकाबले के कुछ सकारात्मक पहलुओं पर बात की है। हालांकि, लगातार दो हार से वह निराश भी हैं और उन्होंने कहा कि अच्छी शुरूआत के साथ बेहतर ‘फिनिश’ भी जरूरी है और इसमें मेजबान टीम 20 रन पीछे रह गई । स्मृति मंधाना (80) और प्रतिका रावल (75) के बीच पहले विकेट के लिये 155 रन की साझेदारी की मदद से भारत ने गत चैम्पियन के खिलाफ 330 रन बनाये, लेकिन आखिरी छह विकेट महज 36 रन पर गंवाने का खामियाजा भुगतना पड़ा। आस्ट्रेलिया ने कप्तान एलिसा हीली के 107 गेंद में 142 रन की मदद से भारत को छह गेंद बाकी रहते तीन विकेट से हरा दिया।
अमोल मजूमदार (साभार-BCCI Women)
मैच फिनिश करना जरूरी
मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में मजूमदार ने कहा ,‘‘ हमारे बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और 330 का स्कोर काफी चुनौतीपूर्ण था हालांकि हम 20 -30 रन और बनाते को नतीजा कुछ और हो सकता था । इसके बावजूद इस प्रदर्शन से काफी सकारात्मक बातें निकली हैं।’’ उन्होंने कहा ,‘‘फिनिशिंग क्रिकेट के मैच में काफी अहम होती है । मैं ड्रेसिंग रूम में भी हमेशा कहता हूं कि हमे अच्छी शुरूआत चाहिये लेकिन बेहतर फिनिश की भी जरूरत है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले मैच में हम आखिरी पांच ओवरों की गेंदबाजी में मैच हार गए। इस मैच में भी अगर आखिर में कुछ रन और बना पाते तो तस्वीर कुछ और होती । लेकिन हम धीरे धीरे सीख रहे हैं और मैचों को फिनिश करना भी उसमे से एक पहलू है।’’
रणनीति में हो सकता है बदलाव
यह पूछने पर कि क्या भारत को एक अतिरिक्त विशेषज्ञ गेंदबाज की कमी फिर खली, कोच ने कहा कि इस पर अगले मैच से पहले बात की जायेगी। उन्होंने कहा ,‘‘हम आत्ममंथन करेंगे और देखेंगे कि क्या एक और गेंदबाज की जरूरत है । टीम प्रबंधन इस पर विचार करके अगले मैच से पहले सही फैसला लेगा।’’
उन्होंने आस्ट्रेलियाई टीम की तारीफ करते हुए कहा ,‘‘ आस्ट्रेलिया ने जबर्दस्त बल्लेबाजी की और उन्हें जीत का श्रेय जाता है । एक ओवर बाकी रहते 331 रन का लक्ष्य हासिल करना बहुत बड़ी बात है । हमने उन पर दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन वे काफी अनुभवी टीम हैं और करीब दस साल से अधिकांश खिलाड़ी साथ खेल रहे हैं । जिस तरह से एलिसे पैरी ने टीम को जीत तक पहुंचाया, वह शानदार था।’’मैच में बीच के ओवरों में डॉट गेंदों का प्रतिशत अधिक रहने के सवाल पर कोच ने कहा कि पहले से इसमे कमी आई है लेकिन आगे इसे बेहतर करने की कोशिश की जायेगी।
उन्होंने कहा ,‘‘दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले मैच से पहले डॉट गेंदों के प्रतिशत पर बात की गई थी । पिछले डेढ साल से हम काफी आक्रामक क्रिकेट खेल रहे हैं और डॉट गेंदों का प्रतिशत घटा है लेकिन आगे के लिये इस पर बात करेंगे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 94 रन बनाने वाली रिचा घोष को क्या हरलीन देओल से ऊपर बल्लेबाजी के लिये क्यो नहीं भेजा गया, यह पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ हमारा बल्लेबाजी क्रम स्थिर है और उसमें ज्यादा बदलाव की जरूरत नहीं है । लेकिन जब जरूरत होगी तो हमारा रूख लचीला रहता है । हम रिचा या दीप्ति शर्मा को ऊपर भेज सकते हैं लेकिन मैं बल्लेबाजी क्रम में बहुत ज्यादा बदलाव का समर्थक नहीं हूं।’’
उन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन विकेट लेने वाली स्थानीय स्पिनर श्रीचरणी और टूर्नामेंट में अब तक अच्छा प्रदर्शन करती आई तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ की तारीफ की। उन्होंने कहा ,‘‘ श्रीचरणी ने आस्ट्रेलिया जैसे मजबूत बल्लेबाजी क्रम के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की और दस ओवर में 41 रन देकर तीन अहम विकेट लिये। इससे पहले क्रांति गौड़ ने भी उम्दा प्रदर्शन किया था । दोनों युवा है और ड्रेसिंग रूम के साथ मैदान पर भी जोश से भरी रहती हैं। हमारी फील्डिंग भी शानदार थी जो बहुत सकारात्मक बात है। ’’
