मुक्केबाज प्रीति की नजरें राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक पर

भारत की युवा मुक्केबाज प्रीति पंवार ने अपने करियर की शुरुआत में ही यह सबक सीख लिया था कि जीवन में कुछ भी निश्चित नहीं होता और उम्मीद के अनुरूप योजनाएं काम नहीं करती। 22 साल की बैंथमवेट (54 किग्रा) मुक्केबाज प्रीति पिछले तीन साल में भारत की सबसे होनहार मुक्केबाजों में से एक बनकर उभरी हैं।

नई दिल्ली,(भाषा)। भारत की युवा मुक्केबाज प्रीति पंवार ने अपने करियर की शुरुआत में ही यह सबक सीख लिया था कि जीवन में कुछ भी निश्चित नहीं होता और उम्मीद के अनुरूप योजनाएं काम नहीं करती। इसलिए वह शानदार नतीजों के भरोसे राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर नजरें लगाए हैं। वह किसी भी चीज को हल्के में नहीं ले रही हैं।

boxer preeti

प्रीति की निगाहें गोल्ड पर। फोटो-IIS

22 साल की बैंथमवेट (54 किग्रा) मुक्केबाज प्रीति पिछले तीन साल में भारत की सबसे होनहार मुक्केबाजों में से एक बनकर उभरी हैं। उन्होंने मुश्किलों का सामना करते हुए लगातार पदक जीते हैं। प्रीति ने 2023 में सीनियर विश्व चैंपियनशिप में पदार्पण करते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल से बाहर होने के बावजूद प्रभावित किया। उसी साल बाद में उन्होंने हांग्झोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतकर पेरिस ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करके वापसी की।

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