'अब भारत में लोग जूडो को पहचानेंगे', गोल्डन गर्ल अस्मिता डे पहुंची भारत, जोरदार हुआ स्वागत

अस्मिता ने कॉमनवेल्थ गेम्स के रोमांचक फाइनल में कनाडा की हेइडी क्वाच को हराकर महिलाओं के 48kg वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। यह मुकाबला 'गोल्डन स्कोर' में तय हुआ और इसके साथ ही उन्होंने इन गेम्स में भारत के लिए जूडो का पहला गोल्ड मेडल हासिल किया।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। ग्लासगो में 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारतीय जूडोका अस्मिता डे ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि भारतीय जूडो टीम की चार मेडल जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि से देश में इस खेल की पहचान बढ़ेगी और ज्यादा युवाओं को इसे अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।

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अस्मिता डे पहुंची भारत। फोटो- ANI

अस्मिता ने कॉमनवेल्थ गेम्स के रोमांचक फाइनल में कनाडा की हेइडी क्वाच को हराकर महिलाओं के 48kg वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। यह मुकाबला 'गोल्डन स्कोर' में तय हुआ और इसके साथ ही उन्होंने इन गेम्स में भारत के लिए जूडो का पहला गोल्ड मेडल हासिल किया। बाद में पोडियम पर उनके साथ हर्ष सिंह (गोल्ड), यामिनी मौर्य (सिल्वर) और उन्नति शर्मा (ब्रॉन्ज) भी शामिल हुईं, जिससे भारत के जूडो मेडल की संख्या चार हो गई।

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