हांगझोउ: अनुभवी सौरव घोषाल और अभय सिंह के शानदार खेल के दम पर भारतीय पुरुष स्क्वाश टीम ने एशियाई खेलों में शुक्रवार को मलेशिया पर जीत से फाइनल में प्रवेश किया जिसमें उसका सामना पाकिस्तान से होगा। भारतीय टीम को पूल चरण में पाकिस्तान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था और अब फाइनल मुकाबले में उसके पास बदला चुकता करने का मौका होगा।
कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय महिला स्क्वाश टीम
सौरव और अभय ने दी अपने प्रतिद्वंद्वियों को मात
सौरव और अभय ने अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ एक समान 3-1 की जीत दर्ज की। अभय ने 57 मिनट तक चले शुरुआती मुकाबले में मुहम्मद अदीन इद्रकी बिन बख्तियार को 11-3, 12-10, 9-11, 11-6 से हराया जबकि सौरव ने इयान यो एनजी पर 69 मिनट में 11-8, 11-6, 12-10, 11-3 की जीत दर्ज कर फाइनल का टिकट पक्का किया। शुरुआती दोनों मुकाबलों को जीतने के बाद महेश मनगांवकर को खेलने की जरूरत नहीं पड़ी। भारतीय टीम ने इन खेलों के पिछले आयोजन में कांस्य पदक जीता था।
भारतीय महिला टीम ने जीता कांस्य, पिछली बार हासिल किया था रजत
इससे पहले भारतीय महिला स्क्वाश टीम ने सेमीफाइनल में हांगकांग से हारने के बाद कांस्य पदक अपने नाम किया। जोशना चिनप्पा, अनहत सिंह और तन्वी खन्ना की तिकड़ी को हांगकांग ने 1-2 से हराया। भारतीय महिला टीम ने 2018 में रजत पदक जीता था। जोशना अकेली भारतीय थी जिसने जीत दर्ज की। उसने दुनिया की 24वें नंबर की खिलाड़ी जे लोक हो को 7-11, 117, 9-11, 11-6, 11- 8 से हराया। तन्वी को पहले मैच में सिन युक चान ने 3-0 से मात दी। वहीं अनहम को ली का यि ने 11-8, 11-7, 12-10 से हराया।
हम आए थे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने
जोशना ने कहा, 'मैने रणनीति या योजना के बारे में नहीं सोचा। बस वहां डटी रही। मैं जानती थी कि नतीजा कुछ भी हो, मुझे जुझारूपन नहीं छोड़ना है।' अनहत ने कहा,'मेरा मैच बहुत अहम था और हम जीत जाते तो फाइनल में पहुंच जाते। मैं बेहतर खेल सकती थी। सभी ने मेरी हौसलाअफजाई की ताकि मैं जीत सकूं।' जोशना ने कहा,'हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने आये थे। मुझे इतने बड़े मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने की खुशी है। भारत के लिये खेलना हमेशा खास होता है।'
