Vivah Muhurat 2026: शादी का आयोजन भारतीय परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण और विशेष अवसर होता है। यह केवल सही स्थान या कपड़े चुनने से कहीं अधिक होता है। इसमें सही मुहूर्त का चयन करना भी शामिल है। हिंदू धर्म में, मुहूर्त एक शुभ तिथि और समय होता है, जो दांपत्य जीवन में समृद्धि और खुशी लाने का विश्वास दिलाता है। 2026 में, शादी के लिए उपलब्ध मुहूर्त की संख्या अपेक्षाकृत कम है, जो कि ज्योतिषीय कारणों जैसे अधिक मास और गुरु की स्थिति के कारण है।
शादी के बंधन में बंधने का सही समय
जून 2026 में शुभ विवाह तिथियां
जून का महीना विवाह के लिए कई शुभ तिथियों की पेशकश करता है। जून में शुभ विवाह तिथियां हैं: 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29 और 30। यह लगातार बारह दिन हैं, जो इस महीने को शादी के लिए एक व्यस्त समय बनाने की उम्मीद करते हैं।
जुलाई 2026 में शुभ विवाह तिथियां
जुलाई के पहले सप्ताह में भी विवाह के लिए शुभ तिथियां हैं: 1, 2, 6, 7, 8 और 11। इसके बाद, आशाड़ा का प्रभाव विवाह कैलेंडर को प्रभावित करता है, जिससे विवाह के लिए मुहूर्त की संख्या कम हो जाती है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़े: जश्न की तैयारियां कर लें इन 5 राशियों के लोग, पिता-पुत्र ने 72 डिग्री पर बना लिया है पंचांक योग
अगस्त से अक्टूबर 2026 तक विवाह मुहूर्त का अभाव
इन महीनों में कोई शुभ विवाह मुहूर्त नहीं है, क्योंकि यह चतुर्मास के समय में आता है। इस अवधि में विवाह नहीं होते हैं। हालांकि, यह महत्वपूर्ण है कि विवाह मुहूर्त को दूल्हा और दुल्हन की कुंडली के अनुसार व्यक्तिगत रूप से तैयार किया जाए, जिससे शुभ प्रभाव बढ़ता है।
क्यों माना जाता है शुभ मुहूर्त का महत्व?
शादी जीवनभर का रिश्ता होता है, इसलिए लोग चाहते हैं कि इसकी शुरुआत शुभ तरीके से हो। भारतीय संस्कृति में शुभ मुहूर्त का काफी महत्व है। मान्यता है कि अच्छे समय पर शुरू किया गया काम सफलता और खुशहाली लेकर आता है।
शादी की तैयारियों के लिए पहले से करें प्लानिंग
अगर आप जून या जुलाई 2026 में शादी करने की सोच रहे हैं तो तैयारियां पहले से शुरू कर देना बेहतर रहेगा। वेन्यू बुकिंग, कपड़े, मेहमानों की लिस्ट और बाकी इंतजामों के लिए समय चाहिए होता है। शुभ तारीखों पर शादी के लिए जगह और सेवाओं की बुकिंग जल्दी हो सकती है।
नोट: विवाह मुहूर्त और तिथियां अलग-अलग पंचांग और स्थान के अनुसार बदल सकती हैं, इसलिए अंतिम निर्णय से पहले विशेषज्ञ या पंडित से सलाह लेना बेहतर होता है।
