Vishwakarma Puja Samagri List (विश्वकर्मा पूजा की सामग्री): धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था। ये खास दिन 17 सितंबर को है और इसी दिन विश्वकर्मा पूजा मनाया जाएगा। भगवान विश्वकर्मा को सुख-समृद्धि का देवता कहा जाता है। उनकी पूजा करने से व्यापार में वृद्धि होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है। अगर आप भी विश्वकर्मा पूजा के दिन पूजा करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको पूजा में लगने वाले सामान की पूरी जानकारी होनी चाहिए। यहां से आप विश्वकर्मा पूजन की सामग्री लिस्ट देख सकते हैं और इनकी खरीदारी भी कर सकते हैं।
विश्वकर्मा पूजा सामग्री लिस्ट (Vishwakarma Puja Samagri List)-
- विश्वकर्मा भगवान की प्रतिमा
- रोली
- लौंग
- इलायची
- सर्वौषधि
- सप्तमृत्तिका
- पीली सरसों
- जनेऊ 5 पीस
- इत्र
- पीला सिंदूर
- पीला अष्टगंध चंदन
- लाल सिंदूर
- हल्दी (पिसी)
- जटादार सूखा नारियल 1 पीस
- अक्षत (चावल) 1 किलो
- धूपबत्ती
- रुई की बत्ती (गोल / लंबी)
- देशी घी
- हल्दी (समूची)
- सुपाड़ी (समूची बड़ी)
- गरी का गोला (सूखा) 2 पीस
- पानी वाला नारियल 1 पीस
- कपूर
- कलावा
- लाल वस्त्र 1 मीटर
- पीला वस्त्र 1 मीटर
- कुश (पवित्री)
- लकड़ी की चौकी
- चुनरी (लाल या पीली)
- बताशा 500 ग्राम
- गंगाजल
- नवग्रह चावल
- दोना (छोटा-बड़ा)
- मिट्टी का कलश (बड़ा)
- मिट्टी का प्याला 8 पीस
- नवग्रह समिधा 1 पैकेट
- हवन सामग्री 500 ग्राम
- तिल 100 ग्राम
- जौ 100 ग्राम
- मिट्टी की दियाली 8 पीस
- हवन कुण्ड
- माचिस
- आम की लकड़ी 2 किलो
- पंचरत्न व पंचधातु
- धोती पीली या लाल 1 पीस
- अगोंछा पीला या लाल 1 पीस
- गुड़ 100 ग्राम
- कमलगट्टा 100 ग्राम
- शहद
- पंचमेवा
- मिष्ठान 500 ग्राम
- पान के पत्ते (समूचे) 21 पीस
- ऋतु फल 5 प्रकार के
- दूब घास 50 ग्राम
- केले के पत्ते 5 पीस
- आम के पत्ते 2 डंठल
- फूल माला
- गुलाब/गेंदा का खुला हुआ फूल 500 ग्राम
- धोती
- कुर्ता
- अंगोछा
- पंच पात्र
- माला इत्यादि
- तुलसी की पत्ती
- दूध 1 लीटर
- दही 1 किलो
- जल (पूजन हेतु)
- गाय का गोबर
- मिट्टी
- बिछाने का आसन
- आटा 100 ग्राम
- चीनी 500 ग्राम
- अखंड दीपक
- तांबे/पीतल का कलश
- थाली
- कटोरी
- चम्मच
- परात
- पंचामृत
विश्वकर्मा पूजा विधि (Vishwakarma Puja Vidhi)-
विश्वकर्मा जयंती के दिन सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और ध्यान करें। फिर पूजा के लिए साफ कपड़े पहनें। इसके बाद ऑफिस, दुकान, वर्कशॉप, फैक्ट्री आदि छोटे या बड़े संस्थान की पूरी तरह साफ सफाई करें। साथ ही सभी उपकरण, औजार, सामान, मशीन की भी साफ सफाई करें। फिर पूरी जगह गंगाजल से छिड़काव करें। पूजा के लिए सबसे पहले पूजा स्थल पर कलश स्थापित करें और फिर चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर विश्वकर्मा की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें और माला पहनाएं। इसके बाद हाथ में फूल और अक्षत लेकर ध्यान करें। इसके बाद फूल अक्षत लेकर मंत्र पढ़ें और चारो ओर छिड़कें। इसके बाद सभी मशीन व औजार आदि पर रक्षा सूत्र बांधे और प्रणाम करें। फिर भगवान को फल, मिष्ठान आदि का भोग लगाएं। साथ में पूरे संस्थान और मशीन, औजार आदि चीजों की भी आरती करें। पूजन में भगवान विष्णु का भी ध्यान करें और यज्ञ आदि का आयोजन करें। जहां पूजा कर रहे हों, उस परिसर में हर जगह आरती लेकर जाएं और प्रसाद सभी में वितरण कर दें।
विश्वकर्मा पूजा मंत्र (Vishwakarma Puja Mantra)
नमस्ते विश्वकर्माय, त्वमेव कर्तृता सदा।
शिल्पं विधाय सर्वत्र, त्वं विश्वेशो नमो नमः।।
विश्वकर्मा पूजा मुहूर्त 2025 (Vishwakarma Puja 2025 Shubh Muhurat)
- विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर 2025, बुधवार
- विश्वकर्मा पूजा कन्या संक्रान्ति का क्षण 01:55 AM
- ब्रह्म मुहूर्त 04:33 ए एम से 05:20 ए एम
- प्रातः सन्ध्या 04:57 ए एम से 06:07 ए एम
- अभिजित मुहूर्त कोई नहीं
- विजय मुहूर्त 02:18 PM से 03:07 PM
- गोधूलि मुहूर्त 06:24 PM से 06:47 PM
- सायाह्न सन्ध्या 06:24 PM से 07:34 PM
- अमृत काल 12:06 AM, सितम्बर 18 से 01:43 ए एम, सितम्बर 18
- निशिता मुहूर्त 11:52 PM से 12:39 AM, सितम्बर 18
