Vat Savitri Vrat Katha: व्रत सावित्री व्रत की पौराणिक कथा, जिसे पढ़ने से अखंड सौभाग्य का मिलेगा वरदान

Vat Savitri Vrat katha Hindi Mein, स्कंदपुराण सत्यवान और सावित्री की कथा क्या है, Puja Vidhi, Vrat Ka Mahatv: वट सावित्री व्रत का उल्लेख हिन्दू धर्मग्रंथों में एक अत्यंत पुण्यदायक और सौभाग्यवर्धक व्रत के रूप में मिलता है। यह व्रत विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए करती हैं। यहां हम आपको बताएंगे इस व्रत की पौराणिक कथा के बारे में जिसे हर व्रती महिला को जरूर पढ़ना चाहिए।

Vat Savitri Vrat katha Hindi Mein (सावित्री की कथा है): वट सावित्री पर्व इस साल 26 जून को मनाया जा रहा है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और स्वस्थ जीवन की कामना के लिए व्रत रहती हैं। इस व्रत में वट वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। इसके अलावा एक और चीज है जिसके बिना ये व्रत अधूरा माना जाता है वो है इस व्रत की पावन गाथा। इस पवित्र दिन पर सावित्री और सत्यवान की कथा सुनना बेहद फलदायी माना जाता है। यहां देखें वट सावित्री व्रत की पौराणिक कथा।

वट सावित्री व्रत कथा (Vat Savitri Vrat Katha In Hindi)

वट सावित्री व्रत की पौराणिक कथा अनुसार सावित्री महाराज अश्वपति की पुत्री थीं। वह अत्यंत सुंदर, विदुषी और तेजस्विनी थीं। जब विवाह योग्य हुईं, तो उन्होंने स्वयं सत्यवान को अपने पति के रूप में चुना। किंतु नारद मुनि ने चेतावनी दी कि सत्यवान अल्पायु है और केवल एक वर्ष तक जीवित रहेगा।

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