Vastu Tips: सास-बहू का रिश्ता बहुत कड़वा होता है। कभी-कभी इस रिश्ते में बहुत प्यार होता है लेकिन कभी-कभी छोटी-छोटी गलतफहमियां रिश्ते में कड़वाहट पैदा कर देती हैं। परिवार में वर्चस्व की लड़ाई अक्सर सास और बहू के बीच शुरू होती है। इसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। यह एक ऐसा रिश्ता है जिसमें अगर दोनों महिलाएं एक-दूसरे से प्यार करें और एक-दूसरे का सम्मान करें तो वे जीवन भर मां-बेटी की तरह रह सकती हैं। वास्तु शास्त्र में ऐसे कई उपाय बताए गए हैं जिनके जरिए सास-बहू के बीच मतभेद और आपसी मनमुटाव को आसानी से दूर किया जा सकता है और उनके रिश्ते में प्यार को भरा जा सकता है। आइए जानते हैं सास बहू के रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए किन उपायों को अपनाना चाहिए।
सास बहू संबंध ठीक करने के उपाय
- बहू के अष्टम और दशम भाव में स्थित ग्रह के बीज मंत्र का जप और दान करना चाहिए। आग्नेय में किचेन में उसके ईशान में साफ जल रखें।।
- घर का ईशान दिशा अर्थात उत्तर पूर्व एकदम साफ और वहीं पे मंदिर की स्थापना करें।वहां कुछ पल संग बिताएं। साथ- साथ हरि नाम सकीर्तन करें।
- घर में खुशबू का वातावरण हो।इत्र और सुगंधित अगरबत्ती से घर महकता रहे।मुख्य द्वार पर गणपति मूर्ति व ठीक उसके पीठ पर वैसी ही मूर्ति हो।
- ड्राइंग रूम में बास का पेड़ फेंगसुई का लगाएं।
- सास और बहू का बहुत समय किचन में बीतता है।किचन में सारे सामान वास्तु अनुरूप हों और भोजन नीचे बैठकर साथ वहीं ग्रहण करें।पाकुआ मिरर लगाएं।
- घर के प्रांगण में काटें वाले पेड़ न हों। गमले में तुलसी व अपराजिता का पेड़ हो।
- साफ जल में गुलाब डाल के ड्राइंग रूम में रखें।
- घर की पहली रोटी और गुड़ गाय को खिलाने से गृह क्लेश नहीं होता। किचेन के आग्नेय में ही गैस का चूल्हा हो।
- घर की छत पे बहू के हाथ से चावल और दाना विहंगों के लिए डालें।
- घर में प्रतिदिन श्री रामचरितमानस का पाठ हो।
- प्रत्येक दिन प्रातः बहू तुलसी का पत्ता ठाकुर जी को अर्पित करे।
- हर बृहस्पतिवार को श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ हो।
- सप्तम भाव पति का होता है। पति की कुंडली का चतुर्थ भाव देखें। वही बहू के लिए सास का भाव है। उस ग्रह की पूजा यदि बहू करती है तो निश्चित रूप से सास और बहू के संबंध मधुर रहेंगे । वही द्रव्य बहू सास को गिफ्ट करती रहे।
