उत्तर प्रदेश में नवरात्र पर आस्था का महासागर, विकास ने दर्शन किए सुगम, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण का भी दिखा असर

नवरात्र 2025 में योगी सरकार ने भक्तों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। सरकार के प्रयासों की वजह से नवरात्र आस्था और विकास का महापर्व बन गए हैं। इससे यूपी के देवी मंदिरों में उमड़ रहे लाखों श्रद्धालु आराम से दर्शन कर पा रहे हैं। राज्य के तमाम देवी मंदिरों में रोजाना हजारों की भीड़ उमड़ रही हैं। इन मंदिरों में सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की धरती पर शारदीय नवरात्रि केवल धार्मिक उत्सव भर नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और महिला शक्ति की विराट छवि है। इस बार के नवरात्र में जब प्रदेशभर के देवी मंदिरों की ओर नजर डालें, तो साफ़ दिखता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले आठ वर्षों में न केवल प्राचीन विरासत को संजोया है, बल्कि उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर श्रद्धालुओं के लिए एक नया अनुभव तैयार किया है। यही वजह है कि प्रदेश में पूरब में विंध्यवासिनी मंदिर से लेकर पश्चिम में मां शाकम्भरी देवी के धाम तक सैकड़ों प्राचीन दुर्गा मंदिरों में केवल नवरात्रि के चार दिन में ही 40 लाख से ज्यादा भक्तों के दर्शन का अनुमान है। जिसमें अकेले विंध्यवासिनी धाम में अबतक 12 लाख श्रद्धालु मां की चौखट पर मत्था टेक चुके हैं। संभावना व्यक्त की जा रही है यूपी के देवी मंदिरों में सप्तमी, अष्टमी और नवमी में यह संख्या 1 करोड़ के पार जा सकती है।

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नवरात्र में उत्तर प्रदेश में आस्था का महासागर, विकास ने दर्शन किए सुगम

लाखों श्रद्धालु लगा रहे मां के दरबार में हाजिरी

प्रदेश का सबसे बड़े दुर्गा मंदिर मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी का धाम है जहां योगी सरकार ने विशाल कॉरिडोर का निर्माण कराया है। यहां मां विंध्यवासिनी के मंदिर में रोजाना 3.5 से 4 लाख श्रद्धालु माता के दर्शन कर रहे हैं। वहीं नवरात्रि के अंतिम तीन दिनों में यहां प्रतिदिन 6-7 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।

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