Tulsi Vivah Aarti: तुलसी महारानी नमो-नमो, हरि की पटरानी नमो-नमो... तुलसी माता की आरती लिरिक्स

Tulsi Vivah Aarti, तुलसी महारानी नमो-नमो, हरि की पटरानी नमो-नमो ..तुलसी माता की आरती के लिरिक्स: आज तुलसी विवाह मनाया जा रहा है। आज के दिन मां तुलसी और शालीग्राम जी जी का विवाह होने के बाद तुलसी माता की कथा पढ़ी जाती है और आरती की जाती है। यहां से आप मां तुलसी की आरती देख सकते हैं।

Tulsi Vivah Aarti Lyrics in Hindi (तुलसी महारानी नमो-नमो, हरि की पटरानी नमो-नमो): तुलसी को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र पौधा माना गया है। कहते हैं जिस घर में तुलसी माता विराजमान होती हैं, उस घर में हमेशा सुख समृद्धि बनी रहती है। साथ ही तुलसी माता की रोजाना पूजा अर्चना करनी चाहिए और आज तो तुलसी विवाह है। आज के दिन तो मां तुलसी की आरती करना ही चाहिए। यहां से आप तुलसी माता की आरती के लिरिक्स देख सकते हैं।

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तुलसी माता की आरती (pic credit: canva)

Tulsi Mata Ki Aarti Lyrics (तुलसी माता की आरती)-

तुलसी महारानी नमो-नमो,

हरि की पटरानी नमो-नमो ।

धन तुलसी पूरण तप कीनो,

शालिग्राम बनी पटरानी ।

जाके पत्र मंजरी कोमल,

श्रीपति कमल चरण लपटानी ॥

तुलसी महारानी नमो-नमो,

हरि की पटरानी नमो-नमो ।

धूप-दीप-नवैद्य आरती,

पुष्पन की वर्षा बरसानी ।

छप्पन भोग छत्तीसों व्यंजन,

बिन तुलसी हरि एक ना मानी ॥

तुलसी महारानी नमो-नमो,

हरि की पटरानी नमो-नमो ।

सभी सखी मैया तेरो यश गावें,

भक्तिदान दीजै महारानी ।

नमो-नमो तुलसी महारानी,

तुलसी महारानी नमो-नमो ॥

तुलसी महारानी नमो-नमो,

हरि की पटरानी नमो-नमो ।

Jai Tulsi Mata Aarti (जय तुलसी माता आरती)-

जय जय तुलसी माता,

मैया जय तुलसी माता ।

सब जग की सुख दाता,

सबकी वर माता ॥

॥ जय तुलसी माता...॥

सब योगों से ऊपर,

सब रोगों से ऊपर ।

रज से रक्ष करके,

सबकी भव त्राता ॥

॥ जय तुलसी माता...॥

बटु पुत्री है श्यामा,

सूर बल्ली है ग्राम्या ।

विष्णुप्रिय जो नर तुमको सेवे,

सो नर तर जाता ॥

॥ जय तुलसी माता...॥

हरि के शीश विराजत,

त्रिभुवन से हो वंदित ।

पतित जनों की तारिणी,

तुम हो विख्याता ॥

॥ जय तुलसी माता...॥

लेकर जन्म विजन में,

आई दिव्य भवन में ।

मानव लोक तुम्हीं से,

सुख-संपति पाता ॥

॥ जय तुलसी माता...॥

हरि को तुम अति प्यारी,

श्याम वर्ण सुकुमारी ।

प्रेम अजब है उनका,

तुमसे कैसा नाता ॥

हमारी विपद हरो तुम,

कृपा करो माता ॥

॥ जय तुलसी माता...॥

जय जय तुलसी माता,

मैया जय तुलसी माता ।

सब जग की सुख दाता,

सबकी वर माता ॥

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