Sawan 2025: सर्प दोषों से मुक्ति का केंद्र है ये ज्योतिर्लिंग, यहां नाग के रूप में प्रकट हुए थे महादेव

Sawan 2025: सावन में इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन सर्प दोष से मुक्ति के लिए विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं। यह है गुजरात का नागेश्वर ज्योतिर्लिंग। मान्यता है कि यहां भगवान शिव स्वयं नाग रूप में प्रकट हुए थे। श्रद्धालु यहां आकर पूजा-अर्चना कर सर्प दोष और कालसर्प योग से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं।

Sawan 2025: शिवपुराण के अनुसार समुद्र के किनारे स्थित द्वारकापुरी के पास स्थित स्वयंभू शिवलिंग नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रमाणित है। इसको द्वादश ज्योतिर्लिंग में 10वां स्थान प्राप्त है। हालांकि इस ज्योतिर्लिंग के अतिरिक्त नागेश्वर नाम से तीन अन्य शिवलिंगों की भी चर्चा होती है। जिसमें महाराष्ट्र के हिंगोली जनपद में स्थित औंध नागनाथ मन्दिर, उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जनपद में स्थित जागेश्वर मन्दिर के साथ झारखंड के दुमका में स्थित बाबा बासुकीनाथ के मंदिर का भी नाम लिया जाता है।

Nageshwar temple in Gujarat

गुजरात का नागेश्वर ज्योतिर्लिंग

लेकिन, नागनाथ के नाम से प्रसिद्ध नागेश ज्योतिर्लिंग को शास्त्रों और पुराणों के अनुसार द्वारकापुरी के पास समुद्र के किनारे ही स्थित बताया गया है। क्योंकि द्वादश ज्योतिर्लिंग स्त्रोत के अनुसार यह ज्योतिर्लिंग दारुक वन में स्थित है और अभी गुजरात में जहां नागेश्वर ज्योतिर्लिंग है इस क्षेत्र को दारुक वन क्षेत्र के नाम से जाना जाता है।

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