Swami Ramkrishna Paramhans: जानिए आखिर क्यों किसी को कोई मंत्र नहीं देते थे काली के ये महान भक्त, जीवन का ये सत्य खोल देगा आंखें

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 9, 2023, 11:11 PM IST

Swami Ramkrishna Paramhans: स्वामी रामकृष्ण परमहंस की अनूठी थी कहानी। मां काली की भक्ति में रहते थे लीन। अनुयायियों को देते थे गृहस्थी न छोड़ने की सलाह। भक्तों से कहते कौन किसका गुरु। अनुयायियों का मन और श्रद्धा देखकर देते थे स्वप्न में ही मंत्र दीक्षा। भक्तों से कहते थे संसार में रहकर ही करो साधना।

KEY HIGHLIGHTS
  • मां काली के परमभक्त थे स्वामी रामकृष्ण परमहंस
  • अनुयायियों को देते थे गृहस्थी न छोड़ने की सलाह
  • स्वप्न में किसी किसी अनुयायी को देते थे मंत्र दीक्षा

Swami Ramkrishna Paramhans: स्वामी रामकृष्ण परमहंस कभी भी किसी के कान में मंत्र कहकर उसके गुरु नहीं बनते थे। वे उपदेश करते थे, ईश्वर प्राप्ति का सरल मार्ग बतलाते थे, पर किसी को शिष्य बनाकर गुरु कहलाना उनको पसंद न था। अगर कोई उनको “गुरु” कहता तो वे कहते−“कौन किसका गुरु है? एक ईश्वर ही सबका गुरु है। चंदा मामा जैसे तुम्हारा मामा है, वैसे ही मेरा भी मामा है।”

Swami Ramkrishna Paramhans

मां काली के परमभक्त स्वामी रामकृष्ण परमहंस

सच्चे गुरु थे स्वामी रामकृष्ण परमहंस

स्वामी रामकृष्ण परमहंस किसी को बहला फुसलाकर अपने शिष्यों का दल तैयार करने की जरा भी इच्छा नहीं रखते थे। जो अपने मन से आकर्षित होकर अपने जीवन को सार्थक बनाने के उद्देश्य से निकट आता उसके कल्याण की चेष्टा वे सदैव करते रहते थे। वास्तव में महापुरुषाें का सच्चे का लक्षण भी यही है कि वह परोक्षरूप से ही अपने निकटवर्ती और दूरवर्ती सभी व्यक्तियों को अत्मोन्नति के मार्ग में अग्रसर होने में सहायता देता रहे। परमहंस देव यद्यपि प्रत्यक्ष में समाज सुधार या देशोद्वार का कोई खास आंदोलन या योजना नहीं करते थे, पर अंतरंग रूप से वे एेसी शक्तियों को प्रेरित करते रहते थे, जिससे प्रभावित होकर अनेक व्यक्ति कार्य क्षेत्र में आ गए और उन्होंने देश और समाज के पुनर्निमाण में महत्वपूर्ण योगदान दियाा।

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