आज सूर्यास्त कब होगा, जानें आज चांद निकलने का समय

अगर बहुत से लोगों की तरह आप भी आज का सूर्यास्त का टाइम देख रहे हैं और ये भी जानना चाहते हैं कि आज का चांद निकलने का टाइम क्या है - तो यहां से सटीक जानकारी ले सकते हैं।

सूर्यास्त के समय को संध्याकाल कहा जाता है। सूर्यास्त के समय को इस समय दीप प्रज्वलन, संध्या वंदन, गायत्री जप और तुलसी पूजन का विशेष महत्व है। माना जाता है कि इस समय की गई पूजा शीघ्र फल देती है। एकादशी, प्रदोष व्रत, करवा चौथ, सत्यनारायण व्रत जैसे कई व्रतों का पारण भी सूर्यास्त के बाद ही किया जाता है। इसी के आसपास चांद भी आसमान में नजर आता है। यहां से आप आज यानी 02 जनवरी 2026 के सूर्यास्त और चांद निकलने के समय की जानकारी ले सकते हैं।

sunset moonrise time today 02 jan 2026

आज 02 जनवरी 2026 को सूर्यास्त और चांद निकलने का समय

आज 02 जनवरी 2026 को सूर्यास्त और चांद निकलने का समय

शहर (City)आज सूर्यास्त का समय (Sunset Time Today)आज चांद निकलने का समय (Moonrise Time Today)
नई दिल्लीसांय 5:35 बजेसांय 4:18 बजे
नोएडासांय 5:35 बजेसांय 4:18 बजे
गाजियाबादसांय 5:35 बजेसांय 4:18 बजे
फरीदाबादसांय 5:36 बजेसांय 4:19 बजे
गुरुग्रामसांय 5:36 बजेसांय 4:19 बजे
मेरठसांय 5:35 बजेसांय 4:17 बजे
हापुड़सांय 5:34 बजेसांय 4:17 बजे
पानीपतसांय 5:38 बजेसांय 4:21 बजे
लखनऊसांय 5:33 बजेसांय 4:17 बजे
आगरासांय 5:32 बजेसांय 4:16 बजे
कानपुरसांय 5:29 बजेसांय 4:15 बजे
मुंबईसांय 6:11 बजेसांय 4:10 बजे
कोलकातासांय 5:04 बजेसांय 4:12 बजे
चेन्नईसांय 5:53 बजेसांय 4:32 बजे
बेंगलुरुसांय 6:02 बजेसांय 4:58 बजे
हैदराबादसांय 5:52 बजेसांय 4:44 बजे
अहमदाबादसांय 6:05 बजेसांय 4:28 बजे
पुणेसांय 6:09 बजेसांय 4:18 बजे
जयपुरसांय 5:31 बजेसांय 4:16 बजे
पटनासांय 5:15 बजेसांय 4:15 बजे
चंडीगढ़सांय 5:36 बजेसांय 4:20 बजे
भोपालसांय 5:47 बजेसांय 4:25 बजे
इंदौरसांय 5:48 बजेसांय 4:24 बजे
सूरतसांय 6:08 बजेसांय 4:20 बजे
वडोदरासांय 6:05 बजेसांय 4:23 बजे
रायपुरसांय 5:51 बजेसांय 4:30 बजे
भुवनेश्वरसांय 5:12 बजेसांय 4:22 बजे
गुवाहाटीसांय 5:00 बजेसांय 4:08 बजे
वाराणसीसांय 5:25 बजेसांय 4:16 बजे
प्रयागराजसांय 5:27 बजेसांय 4:17 बजे
कोच्चिसांय 6:05 बजेसांय 4:50 बजे
तिरुवनंतपुरमसांय 6:06 बजेसांय 4:52 बजे
गोवासांय 6:10 बजेसांय 4:22 बजे
उदयपुरसांय 5:32 बजेसांय 4:18 बजे

सूर्यास्त के समय का महत्व

इस समय के दौरान शुभ कर्मों से परहेज किया जाता है। यात्रा, धन का लेन-देन, दान देना, झाड़ू लगाना, बाल-नाखून काटना आदि काम वर्जित रहते हैं। वहीं सूर्यास्त से पहले और बाद का लगभग एक घंटे का समय प्रदोष काल कहलाता है। यह काल विशेष रूप से भगवान शिव की उपासना के लिए श्रेष्ठ माना गया है।

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