किताब कैफे: जेल में सोनम वांगचुक का सहारा बनी थीं ये 4 किताबें, जानिए क्या खास था इनमें

किताबों की सबसे बड़ी ताकत ये होती है कि वे परिस्थितियां नहीं बदलतीं, लेकिन इंसान का नजरिया जरूर बदल देती हैं। कई बार, सबसे कठिन लड़ाई जीतने के लिए यही बदलाव सबसे ज्यादा जरूरी होता है।

Sonam Wangchuk: सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक इन दिनों अपने अनशन को लेकर चर्चा में हैं। मीडिया से सोशल मीडिया तक में ये नाम सुर्खियां बटोर रहा है। सोनम वांगचुक 27 सितंबर 2025 से 14 मार्च 2026 तक जोधपुर सेंट्रल जेल में कैद थे। जेल में जब बाहरी दुनिया से उनका लगभग हर संपर्क टूट गया था, तब किताबें ही उनके लिए आत्मबल, चिंतन और प्रेरणा का स्रोत बन गईं।

Sonam Wangchuk

हाल ही में करीब 6 महीनों के लिए जोधपुर जेल में बंद थे सोनम वांगचुक (AI Generated Image)

सोनम की पत्नी गीतांजलि वांगचुक ने भी सोच-समझकर ऐसी किताबें भेजीं, जो मुश्किल परिस्थितियों में उनका मनोबल बनाए रख सकें। आइए जानते हैं कि जेल के दौरान सोनम वांगचुक ने कौन-सी किताबें पढ़ीं और उनमें ऐसा क्या खास है:

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