Shukra Ast 2025: वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, वैवाहिक सुख, सौंदर्य, धन और समृद्धि का कारक माना जाता है। जब शुक्र ग्रह सूर्य के बहुत निकट आ जाता है, तो उसकी चमक फीकी पड़ जाती है और इसे 'शुक्र अस्त' कहा जाता है। इस अवस्था में ग्रह की शुभ शक्ति कमजोर हो जाती है, जिससे मांगलिक कार्यों का फल प्रभावित होता है।
शुक्र अस्त के दौरान न करें ये काम
2025 में शुक्र 11 दिसंबर, गुरुवार को सुबह 6:35 बजे वृश्चिक राशि में शुरू हो चुके हैं। यह स्थिति लगभग 53 दिनों तक रहेगी और शुक्र का उदय 1 फरवरी 2026 को ही होगा। इससे पहले 16 दिसंबर से खरमास भी लग जाएगा, जो 15 जनवरी 2026 तक चलेगा। इस कारण दिसंबर से फरवरी की शुरुआत तक शुभ कार्यों पर पूर्ण रोक लग जाएगी।
शुक्र अस्त में बंद हो जाते हैं ये शुभ कार्य
शुक्र अस्त की अवधि में ग्रह की दुर्बलता के कारण वैवाहिक और सामाजिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस समय कोई भी मांगलिक कार्य शुरू नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे वैवाहिक जीवन में कलह, आर्थिक हानि या स्वास्थ्य समस्या हो सकती है।
विवाह और सगाई शुक्र के अस्त होने पर नहीं करनी चाहिए। इससे प्रेम और दांपत्य सुख प्रभावित होता है, इसलिए शादियां वर्जित हैं। गृह प्रवेश और गृह निर्माण व नींव पूजन, घर बनाना या प्रवेश करना इस समय पर टाल देना चाहिए, क्योंकि यह घरेलू सुख को बाधित कर सकता है।
मुंडन, नामकरण, जनेऊ और अन्य संस्कार भी इस दौरान नहीं करने चाहिए। बच्चों के इन संस्कारों में ग्रह की कृपा न मिलने से फल नष्ट हो जाता है। बड़े अनुष्ठान या पूजा जैसे मंदिर निर्माण, यज्ञ या धार्मिक समारोह स्थगित कर दें। इस दौरान व्यावसायिक शुभारंभ या नया बिजनेस, दुकान खोलना और निवेश आदि न करें।
बसंत पंचमी 2026 पर भी न करें शुभ कार्य
बसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जो विवाह और अन्य शुभ कार्यों के लिए आदर्श दिन होता है, लेकिन 2026 में बसंत पंचमी 23 जनवरी को पड़ेगी, इस दौरान शुक्र अस्त रहेंगे। हालांकि खरमास 15 जनवरी को समाप्त होने के बावजूद शुक्र की दुर्बलता के कारण इस दिन विवाह या कोई मांगलिक कार्य नहीं किया जाएगा।
शुक्र उदय के बाद शुरू होंगे शुभ कार्य
शुक्र का उदय 1 फरवरी 2026 को होने के बाद ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी। फरवरी 2026 में कुल 12 शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं। इनमें 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी की तारीखें शामिल हैं। इन मुहूर्तों में विवाह करने से वैवाहिक जीवन सुखमय और समृद्धिशाली रहता है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
