Shivling Images, 12 Jyotirlinga Images With Name And Place: सावन महीने में शिवलिंग की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। कहते हैं जो भक्त सच्चे मन से शिवलिंग की पूजा करता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। इसलिए ही इस महीने में श्रद्धालु भगवान शिव के मंदिरों और ज्योतिर्लिंगों पर जाकर शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं। इस महीने में कावड़िए भी पवित्र तीर्थ स्थलों से गंगाजल लेकर आते हैं और अपने मूल स्थान के शिव मंदिर में उस जल को चढ़ाते हैं। यहां हम देखेंगे 12 ज्योतिर्लिंगों की अद्भुत तस्वीरें।
Shiv 12 Jyotirlinga Images With Name And Place
12 Jyotirlinga Shivling Images With Place
1. Somnath Jyotirlinga Photo (सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, सौराष्ट्र क्षेत्र, गुजरात)
2. Mallikarjuna Jyotirlinga Photo (मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग, श्रीशैल,आंध्र प्रदेश)
3. Mahakaleshwar Jyotirlinga Photo (महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैन, मध्य प्रदेश)
4. Omkareshwar Jyotirlinga Photo (ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, खंडवा, मध्य प्रदेश)
5. Kedarnath Jyotirlinga Photo (केदारनाथ ज्योतिर्लिंग, रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड)
6. Bhimashankar Jyotirlinga Photo (भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, पुणे, महाराष्ट्र)
7. kashi vishwanath Jyotirlinga (काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग, वाराणसी, उत्तर प्रदेश)
8. Trimbakeshwar Jyotirlinga (त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नासिक, महाराष्ट्र)
9. Vaidyanath Jyotirlinga Photo (वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग, देवघर, झारखंड)
10. Nageshwar Jyotirlinga (नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, द्वारका, गुजरात)
11. Rameshwaram Jyotirlinga Photo (रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग, रामेश्वरम, तमिलनाडु)
12. Grishneshwar Jyotirlinga Photo (घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग, औरंगाबाद, महाराष्ट्र)
घर पर ऐसे करें इन 12 ज्योतिर्लिंगों की पूजा
आप द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तुति का पाठ करके 12 ज्योतिर्लिंगों की आसानी से पूजा कर सकते हैं। मान्यता है इस स्तुति का पाठ करने से भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है। द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तुति इस प्रकार है-
- सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।
- उज्जयिन्यां महाकालमोंकारं ममलेश्वरम् ॥1॥
- परल्यां वैजनाथं च डाकियन्यां भीमशंकरम्।
- सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने ॥2॥
- वारणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमी तटे।
- हिमालये तु केदारं घृष्णेशं च शिवालये ॥3॥
- एतानि ज्योतिर्लिंगानि सायं प्रातः पठेन्नरः।
- सप्तजन्मकृतं पापं स्मरेण विनश्यति ॥4॥
- ॥ इति द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तुति संपूर्णम् ॥
