शीतला अष्टमी पर करें इस चालीसा का पाठ, यहां पढ़ें लिरिक्स

हिंदू धर्म में शीतला अष्टमी के व्रत का बहुत महत्व है। इस दिन माता शीतला की पूजा विधि- विधान से की जाती है। माता शीतला की पूजा करने से त्वचा संबंधी रोगों से छुटकारा मिलता है। इस दिन माता शीतला की चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है। यहां पढ़ें शीतला माता की चालीसा।

Sheetala Mata Chalisa: हर साल चैत्र महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन शीतला अष्टमी का व्रत रखा जाता है। इस दिन माता शीतला की विधि- विधान से पूजा की जाती है। इस साल शीतला अष्टमी का व्रत 2 अप्रैल को किया जाएगा। ऐसा माना जाता है कि इस दिन शीतला माता का पूजन विधि पूर्वक करने से साधक को त्वचा संबंधी रोगों से मुक्ति मिल जाती है। शीतला अष्टमी के दिन माता शीतला को बासी खाने का भोग लगाया जाता है। इस व्रत को बसौड़ा पर्व के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन घरों में चूल्हा भी नहीं जलाया जाता है। शीतला अष्टमी के दिन माता शीतला की चालीसा का पाठ करना चाहिए। यहां पढ़ें शीतला चालीसा।

Sheetala Mata Chalisa

Sheetala Mata Chalisa (शीतला माता चालीसा लिरिक्स)

'दोहा''

जय-जय माता शीतला, तुमहिं धरै जो ध्यान।

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