आज की एकादशी की कथा, पढ़ें श्रावण पुत्रदा एकादशी की कहानी- राजा महीजित को कैसे हुई संतान की प्राप्ति

Sawan Putrada Ekadashi Vrat Katha (सावन पुत्रदा एकादशी व्रत कथा): आज सावन मास के शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी मनाई जा रही है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं, और संतान प्राप्ति का वर देते हैं। पढ़ें आज की एकादशी की व्रत कथा, श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत कथा और राजा महीजित को संतान की प्राप्ति की पौराणिक कहानी।

Sawan Putrada Ekadashi Vrat Katha (सावन पुत्रदा एकादशी व्रत कथा): आज सावन मास की पुत्रदा एकादशी है। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का बहुत विेशेष महत्व होता है। साल भर में 24 एकादशी आती है, जिसमें सावन के महीने में पड़ने वाली शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का खास महत्व है, और जातकों से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु संतान सुख का वरदान देते हैं। इस खास व्रत को विधिपूर्वक करने से न केवल संतान प्राप्ति का वर मिलता है, बल्कि संतान के उज्जवल भविष्य तो लंबी आयु के लिए भी ये व्रत सिद्ध साबित होता है। आइए आपको बताते हैं सावन पुत्रदा एकादशी की व्रत कथा क्या है। यहां जानें श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत कथा और राजा महीजित को संतान की प्राप्ति की पौराणिक कहानी।

Sawan Putrada Ekadashi Vrat Katha (Photo Credit - Canva)

सावन पुत्रदा एकादशी व्रत कथा, आज की एकादशी की कहानी

सावन मास की पुत्रदा एकादशी का महत्व खुद भगवान कृष्ण ने अर्जुन को बताया था। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी का व्रत करने तो कथा मात्र सुनने से अनंत यज्ञ के बराबर फल मिलते हैं और जातकों का जीवन सुख, शांति, समृद्धि से भर जाता है। यहां पढ़ें सावन पुत्रदा एकादशी की व्रत कथा -

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