Solah Somvar Vrat In Sawan: सावन का पावन महीना शुरू हो गया है। इस महीने में कई सारे लोग 16 सोमवार के व्रत की शुरुआत करते हैं। यहां से आप जान सकते हैं कि सावन में सोहल सोमवार के व्रत को कैसे शुरू करना है। साथ ही आपको इसकी पूजा सामग्री, पूजा विधि और नियम के बारे में भी विस्तार में बताया गया है।
16 सोमवार का व्रत कब शुरू करना चाहिए?
वैसे तो सोलह सोमवार का व्रत कार्तिक माह में भी शुरू किया जा सकता है, लेकिन श्रावण यानी सावन में पड़ने वाले सोमवार से इसे शुरू करना काफी उत्तम माना जाता है। ऐसे में इस साल 14 जुलाई को सावन का पहला सोमवार है और आप इस दिन से 16 सोमवार के व्रत की शुरुआत कर सकते हैं।
सोलह सोमवार पूजा सामग्री-
- भगवान शिव की मूर्ति या शिवलिंग
- गंगा जल
- दूध
- दही
- घी
- शहद
- सफेद चंदन
- फूल और माला
- अक्षत
- बेलपत्र
- धतूरा
- भांग
- अगरबत्ती
- फल
- माता गौरी के श्रृंगार का सामान
सोलह सोमवार पूजा विधि-
- सावन में सोलह सोमवार का व्रत करने के लिए सबसे पहले सोमवार को सुबह उठकर नहाने के पानी में काला तिल डालें और उसी से स्नान करें।
- अब शिवजी के व्रत का संकल्प लें। संकल्प लेने का मतलब है कि आप 16 सोमवार का व्रत पूरा रखेंगे।
- अब शिवजी की मूर्ति या शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करें।
- फिर ऊं नम: शिवाय का जाप करें और पंचामृत चढ़ाएं।
- अब शिवजी की मूर्ति या शिवलिंग पर सफेद चंदन, बेलपत्र, धतूरा और भांग आदि चढ़ाएं।
- अब भोलेनाथ के सामने धूप-दीप और अगरबत्ती जलाएं।
- भोलेनाथ की पूजा के साथ माता गौरी को श्रृंगार का सामान चढ़ाएं।
- अब शिव चालीसा और शिव पुराण का पाठ करें। आखिर में आरती करें और प्रसाद बांटे।
सावन में 16 सोमवार के लाभ-
सोलह सोमवार का व्रत करने से शादी जल्दी होती है और मनचाहा वर या कन्या मिलती है। अब चूंकि सावन तो भोलेनाथ का ही महीना है तो इस महीने से इस व्रत को शुरू करने से महादेव और माता गौरी प्रसन्न होते हैं। इस व्रत को अगर कुंवारी कन्या करती हैं तो उन्हें योग्य वर और अगर सुहागिन महिलाएं करती हैं तो पति को लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है।
