Sakat Chauth Vrat Katha: सकट चौथ पर जरूर पढ़ें माता पार्वती और महादेव से जुड़ी ये पौराणिक कथा

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Jan 29, 2024, 06:01 PM IST

Sakat Chauth (Sankashti Chaturthi) 2024 Vrat Katha in Hindi: सकट चौथ व्रत में भगवान गणेश और चंद्र देव की उपासना की जाती है। ये व्रत महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु के लिए रखती हैं। यहां आप देखेंगे सकट चौथ की व्रत कथा।

Sakat Chauth (Sankashti Chaturthi) 2024 Vrat Katha in Hindi: साल में आने वाली सभी संकष्टी चतुर्थी तिथियों में से माघ महीने की संकष्टी चतुर्थी का सबसे ज्यादा महत्व माना जाता है। जिसे सकट चौथ के नाम से जाना जाता है (Sakat Chauth Ki Kahani)। इस चतुर्थी पर माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए व्रत रखती हैं। भारत के लगभग सभी हिस्सों में संकष्टी चतुर्थी का व्रत धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल सकट चौथ 29 जनवरी को मनाई जा रही है (Sakat Devta Ki Katha)। इस दिन माताएं शाम में भगवान गणेश की विधि विधान पूजा करने के बाद व्रत कथा पढ़ती हैं। यहां देखें सकट चौथ से जुड़ी पौराणिक व्रत कथा (Sankashti Chaturthi Vrat Katha)

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Sakat Ki Kahani In Hindi

Sakat Chauth Katha In Hindi, Sankashti Chaturthi Ki Kahani (सकट चौथ व्रत कथा)

एक बार महादेवजी पार्वती जी के साथ नर्मदा के तट पर गए। जहां पार्वतीजी ने महादेवजी के साथ चौपड़ खेलने की इच्छा व्यक्त की। तब शिवजी ने कहा लेकिन हमारी हार-जीत का साक्षी कौन होगा? पार्वती जी ने तुरंत वहां की घास के तिनके बटोरकर एक पुतला तैयार किया और उसमें प्राण-प्रतिष्ठा कर दी और उससे कहा: बेटा! हम चौपड़ खेलने जा रहे हैं। अतः खेल के अन्त में तुम ही हमारी हार-जीत के साक्षी होकर बताओगे कि हममें से कौन जीता, कौन हारा?

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