SABARIMALA Temple News: केरल के पठानामथिट्टा जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध सबरीमाला भगवान अय्यप्पा मंदिर रविवार शाम को दो महीने लंबे वार्षिक तीर्थयात्रा सीजन के लिए खोल दिया गया। मंदिर के मुख्य पुजारी (मेलशांति) अरुणकुमार नंपूतिरि ने शाम 5 बजे थांत्री कंदाररु महेश मोहनारु की मौजूदगी में श्रीकोविल के द्वार खोले। यह उनका मंदिर के मुख्य पुजारी के रूप में एक साल का कार्यकाल का आखिरी दिन था।
सबरीमाला मंदिर
शाम 6 बजे थांत्री के नेतृत्व में नए मेलशांति ईडी प्रसाद नंपूतिरि की नियुक्ति का औपचारिक समारोह हुआ। नए मेलशांति ने सोमवार दोपहर 3 बजे से एक साल के लिए अपना कार्यभार संभाल लिया है। समारोह में सबसे पहले श्रीकोविल के सामने नए मेलशांति का कलशाभिषेक किया गया, फिर थांत्री ने उनके कान में मंत्र फूंका। इसके बाद कोई अन्य पूजा नहीं की गई, जो मंदिर की परंपरा है। समारोह में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के अध्यक्ष के. जयकुमार, विधायक प्रमोद नारायण और बोर्ड सदस्य पी. राजू तथा संतोष कुमार मौजूद रहे।
काफी संख्या में पहुंचे थे भक्त
पहले दिन श्रद्धालुओं की संख्या नियंत्रित रखने के लिए केवल 39,000 वर्चुअल क्यू पास और 20,000 स्पॉट पास जारी किए गए थे। वलियानदपंडल पूरी तरह भर गया और कतार सरमकुथी तक पहुंच गई। पंपा में भी हजारों भक्त सुबह से ही पंपा मनप्पुरम और फ्लाईओवर पर जमा हो गए थे।
90000 भक्त कर सकेंगे दर्शन
सोमवार से कुल 90000 भक्त दर्शन कर सकेंगे। इसमें 70000 ऑनलाइन पास और 20000 ऑनलाइन पास वाले भक्त होंगे। मंदिर को 18 घंटों के लिए खोला जाएगा। इसके लिए मंदिर दो चरण में खुलेगा। पहला चरण सुबह 3 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दूसरा चरण शाम 3 से रात 11 बजे तक रहेगा।
तीर्थयात्रा रहेगी सुगम
त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) ने बताया कि सन्निधानम में सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। पहाड़ चढ़कर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। नए अध्यक्ष और पूर्व नौकरशाह के. जयकुमार ने सबरीमाला चढ़ाई से पहले मीडिया से कहा कि 'तीर्थयात्रा पूरी तरह सुगम और बिना किसी परेशानी के चलेगी। भक्तों को कोई कठिनाई नहीं होने दी जाएगी।'
हर साल कार्तिक-मकर महीनों में होने वाली यह दो महीने की तीर्थयात्रा में लाखों भगवान अय्यप्पा के भक्त उनके दर्शन को आते हैं। मंदिर अब मंडल पूजा (11 दिसंबर) और मकर विलक्कु (14 जनवरी) तक श्रद्धालुओं से भरा रहेगा।
भगवान अयप्पा को समर्पित है मंदिर
सबरीमाला मंदिर भगवान अयप्पा को समर्पित है। भगवान अयप्पा को शिव का पुत्र कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवताओं को अमृत पान कराने के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप रखा था। उस रूप को देखकर भगवान शिव मोहित हो गए थे। इससे भगवान शिव और मोहिनी से एक पुत्र का जन्म हुआ, जिसे शाश्वत कहा गया। इन्हीं को दक्षिण भारत में अयप्पा कहा जाने लगा। दक्षिण भारत में भगवान अयप्पा के काफी मंदिर हैं।
