Ramayan Path in Navratri : चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 22 मार्च से हो रही है वहीं इसका समापन 30 मार्च रामनवमी के दिन होगा । नवरात्रि मां दुर्गा की आराधना का दिन होता है इन नौ दिनों में देवी मां की विशेष पूजा अर्चना की जाती है । देश में हर जगह नवरात्रि का त्योहार पूरे नौ दिनों तक धूमधाम से मनाया जाता है । चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन रामनवमी आती है जिसे भगवान राम के जन्मदिवस के रूप में मनाते है । नवरात्रि पर मां दुर्गा के साथ भगवान राम की पूजा भी की जाती है । नवरात्रि पर दुर्गा देवी को प्रसन्न करने के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है साथ ही नवरात्रि में रामायण का पाठ करना भी बहुत फलदायक होता है । नवरात्रि में रामायण का पाठ करने से भगवान राम की कृपा से घर में सुख-शांंति का वास होता है।
नवरात्रि में कैसे करें रामायण
नवरात्रि में रामायण पाठ करने के नियम ( Ramayan Path ke Niyam )
1. नवरात्रि में दुर्गा देवी के साथ भगवान राम की पूजा का विधान है । नवरात्रि में रामायण का पाठ करके भगवान राम की विशेष कृपा मिलती है ।
2. सबसे पहले रामायण को लाल या पीले रंग के कपड़े में लकड़ी की चौकी पर रखें ।
3. पाठ शुरू करने से पहले व्रत का संकल्प ले और रामायण को तिलक करें और अक्षत चढ़ाएं ।
4. नवरात्रि के दिन के अनुसार ही रामायण का पाठ करें ।
5. नौ दिन में पाठ पूर्ण करने के लिए दिन के अनुसार विश्राम निर्धारित होते हैं उसी के अनुसार उतने ही पाठ एक दिन में करें ।
6. पाठ के बीच में किसी से बातचीत न करें ना ही इधर उधर ध्यान दें।
7. पाठ करते समय कोई विघ्न न आए इसके लिए पाठ शुरू करने से पहले संकल्प लें ।
नवरात्रि में ऐसे करें रामायण का पाठ
पहला दिन 1 से 116
दूसरा दिन 116 से 218
तीसरा दिन 218 से 322
चौथा दिन 322 से 424
पांचवा दिन 424 से 524
छठा दिन 524 से 644
सातवां दिन 644 से 766
आठवां दिन 766 से 902
नौवां दिन 902 से 1031 तक पढ़े इस तरीके से रामायण का पाठ करने से नौ दिन में आपकी रामायण पूरी हो जाएगी। पाठ में अंत में आरती अवश्य करें ।
रामायण पाठ करने का महत्व ( significance of Ramayan Path )
नवरात्रि में देवी दुर्गा के साथ भगवान राम की पूजा करने का विधान है । नवरात्रि में रामायण का पाठ करने से भगवान राम प्रसन्न होते हैं और भक्त पर उनकी कृपा बरसती है । घर में रामायण का पाठ करने से कोई भी विपत्ति नहीं आती और किसी भी प्रकार का शत्रु भय नहीं होता ।
