15 जून से पहले कर लें इन दो लोगों की सेवा, 100 यज्ञों से भी ज्यादा मिलेगा पुण्य

Purushottam Maas 2026 : अधिकमास की समाप्ति 15 जून को हो रही है। ऐसे में इसके पहले ही आपको अपने भांजे और भांजी की सेवा करनी चाहिए। इस दौरान ऐसा करना भगवान की सेवा के बराबर होता है।

Purushottam Maas 2026 : हिंदू धर्म में अधिक मास, जिसे पुरुषोत्तम मास या मलमास भी कहा जाता है, बेहद पवित्र माना जाता है। यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसमें किए गए जप, तप, दान, सेवा और पूजा का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक माना जाता है। वर्ष 2026 में पुरुषोत्तम मास 17 मई से शुरू होकर 15 जून को समाप्त हो रहा है। ऐसे में इस पावन महीने के समापन से पहले कुछ विशेष कार्य करने चाहिए है, जिनमें भांजे और भांजी की सेवा का विशेष महत्व बताया गया है।

Purushottam Maas 2026  मलमास समाप्ति से पहले क्या करना चाहिए

मलमास समाप्ति से पहले क्या करना चाहिए

क्यों खास है पुरुषोत्तम मास (Kyo Khas Hai Adhikmas)

ज्योतिष और पंचांग के अनुसार सूर्य वर्ष और चंद्र वर्ष के बीच लगभग 11 दिनों का अंतर होता है। इसी अंतर को संतुलित करने के लिए लगभग हर 32 महीने बाद एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिक मास कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु ने इस माह को अपना स्वरूप प्रदान किया था, इसलिए इसे पुरुषोत्तम मास के नाम से जाना जाता है। इस महीने में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं, लेकिन पूजा-पाठ, दान और सेवा को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।

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