Jagannath Rath Yatra 2026 Live: भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में भगदड़, दम घुटने से एक की मौत, 150 से ज्यादा घायल; यहां पढ़ें जगन्नाथ रथ यात्रा पर पल-पल की अपडेट
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE: आज 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा के साथ गुंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। इसमें हजारों श्रद्धालु इस दिव्य यात्रा के साक्षी बनने जा रहे है। यह रथ यात्रा देश के अलग-अलग हिस्सों में भी निकाली जा रही है। इसमें पुरी, अहमादाबाद की रथ यात्रा सबसे बड़ी है। पुरी में रथ यात्रा में बेकाबू भीड़ में भगदड़ हो गई। इसमें एक की मौत हो गई और 150 से अधिक घायल हो गए।
Jagannath Rath Yatra 2026 Puja (पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा) LIVE Updates: सनातन धर्म के सबसे बड़े और भव्य उत्सवों में से एक भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आज पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली जा रही है। ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा तीनों विशाल रथों पर सवार होकर अपनी मौसी के घर यानी गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करने वाले हैं। इस दिव्य यात्रा में लाखों श्रद्धालु शामिल होकर रथ खींचने का सौभाग्य प्राप्त करेंगे। धार्मिक मान्यता है कि भगवान के रथ की रस्सी खींचने मात्र से अनेक जन्मों के पापों का क्षय होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इस दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रभु की एक झलक पाने को लालाहित है। पुण्य कर्मों के प्रभाव से ये भक्त प्रभु की दिव्य यात्रा के साक्षी बनने जा रहे हैं।
रथ पर सवार हुए प्रभु
रथ यात्रा में तीन अलग-अलग रथ निकलते हैं, जिनका अपना विशेष महत्व है। अभी भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र जी अपने-अपने रथों पर विराजमान हैं।
भगवान जगन्नाथ – नंदीघोष रथ
भगवान बलभद्र – तालध्वज रथ
देवी सुभद्रा – दर्पदलन (देवदलन) रथ
इन रथों का निर्माण हर वर्ष नई लकड़ियों से पारंपरिक विधि के अनुसार किया जाता है। हजारों कारीगर कई महीनों की मेहनत से इन दिव्य रथों का निर्माण करते हैं।
कई जगहों पर निकाली जाती है जगन्नाथ रथ यात्रा
जगन्नाथ रथ यात्रा देश-विदेशों में कई जगहों पर निकाली जाती है। इस्कॉन संस्था द्वारा भी कई देशों में इस यात्रा का आयोजन कराया जाता है। भारत में पुरी और अहमादाबाद में होने वाली रथ यात्रा सबसे अहम मानी जाती है। इसके अलावा पटना, कानपुर, दिल्ली आदि शहरों में रथ यात्रा महोत्सव मनाया जाता है।
जगन्नाथ यात्रा में हुई भगदड़
भारी भीड़ के चलते पुरी में भगदड़ हो गई। इस भगदड़ में 150 से अधिक घायल हैं, जिनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, एक श्रद्धालुओं की मौत हो गई है।
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE Updates: रथयात्रा का मेला कब है
हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से रथयात्रा का मेला आयोजित होता है। ये पर्व भारत की सबसे भव्य सांस्कृतिक परंपराओं में से एक है। इस साल यह नौ दिवसीय महोत्सव 16 जुलाई से 24 जुलाई तक मनाया जाएगा।
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE Updates: भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर किसे कहा जाता है?
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE Updates: रथयात्रा से जुड़े मुख्य तारीखें और पर्व
20 जुलाई 2026 – हेरा पंचमी: माता लक्ष्मी गुंडिचा मंदिर जाकर भगवान जगन्नाथ को वापस लौटने का संदेश देती हैं।
24 जुलाई 2026 – बहुदा यात्रा (Bahuda Yatra): भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा गुंडिचा मंदिर से श्रीमंदिर की ओर वापसी यात्रा करते हैं।
25 जुलाई 2026 – सुना बेशा (Suna Besha): रथों पर विराजमान भगवानों को सोने के भव्य आभूषणों से अलंकृत किया जाता है।
26 जुलाई 2026 – अधर पाना (Adhara Pana): रथों पर भगवान को विशेष मीठा पेय (अधर पाना) अर्पित किया जाता है, जिसे बाद में पार्श्व देवताओं को समर्पित माना जाता है।
27 जुलाई 2026 – नीलाद्रि बीजे (Niladri Bije): भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा श्रीमंदिर में पुनः प्रवेश करते हैं। इसी के साथ रथ यात्रा महोत्सव का विधिवत समापन होता है।
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE Updates: जगन्नाथ रथयात्रा किस दिन संपूर्ण होगी?
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE Updates: जगन्नाथ मंदिर के किस द्वार पर सबसे ज्यादा भीड़ होती है
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE Updates: जगन्नाथ मंदिर का झंडा हवा विपरीत क्यों बहता है?
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE Updates: जगन्नाथ मंदिर में चार द्वार कौन से हैं?
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE Updates: जगन्नाथ रथ यात्रा कितने दिन चलती है
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE Updates: भगवान जगन्नाथ जी की आरती लिरिक्स
बेड़ा पार करा दे, बेड़ा पार करा दे,
भवसागर से तू॥
भक्त खड़ा तेरे द्वारे, आस लिए देवा।
स्वामी आस लिए देवा।
चाहूँ मैं केवल, अपना तुच्छ-सा फल-मेवा॥
ॐ जय जगन्नाथ प्रभु॥
सिंह द्वार पर आया, लेकर तेरा नाम।
स्वामी लेकर तेरा नाम।
यहीं से तूने लिया था, दासिया को फलधाम॥
ॐ जय जगन्नाथ प्रभु॥
नील चक्र जो देखा, मन में हर्ष हुआ।
स्वामी मन में हर्ष हुआ।
पतित-पावन तेरा, भंजन कष्ट किया॥
ॐ जय जगन्नाथ प्रभु॥
गरुड़ स्तंभ के पीछे, भक्तन की लगी भीड़।
स्वामी भक्तन की लगी भीड़।
पाकर दर्श प्रभु के, नैनों से बही नीर॥
ॐ जय जगन्नाथ प्रभु॥
रत्न वेदी पर साजे, भाई-बहन के संग।
स्वामी भाई-बहन के संग।
शंख, घंट, मंजीरा, और बाजे हैं मृदंग॥
ॐ जय जगन्नाथ प्रभु॥
भेद न जात-धर्म का, नाथ तेरे आगे।
जगन्नाथ तेरे आगे।
सब भक्तिवश होकर, महिमा तेरी गावे॥
ॐ जय जगन्नाथ प्रभु॥
योगक्षेम की चिंता, पथ में ना कोई आए।
कभी पथ में ना कोई आए।
बंधु महंत को तूने, हाथों से खिलवाए॥
ॐ जय जगन्नाथ प्रभु॥
भक्तों से मिलने को, रथ पर प्रभु आए।
स्वामी रथ पर प्रभु आए।
सागर की लहरों संग, भक्त उमड़ आए॥
ॐ जय जगन्नाथ प्रभु॥
दुख हर लो दुखियों के, जगत के पालनहार।
स्वामी जगत के पालनहार।
जगत के नाथ हो, स्वामी करो जग का उद्धार॥
ॐ जय जगन्नाथ प्रभु॥
कुंदन दीन पुकारे, नाथ सुनो दुखड़ा मेरा।
नाथ सुनो दुखड़ा मेरा।
प्राण छूटे जब घट से, देखूँ तेरा मुखड़ा॥
ॐ जय जगन्नाथ प्रभु॥
ॐ जय जगन्नाथ प्रभु, स्वामी जय जगन्नाथ प्रभु।
बेड़ा पार करा दे, बेड़ा पार करा दे,
भवसागर से तू॥
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE Updates: दुनिया की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल
पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा को दुनिया की सबसे विशाल और प्रसिद्ध धार्मिक यात्राओं में गिना जाता है। हर साल भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनने के लिए पुरी पहुंचते हैं।
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE Updates: लाखों श्रद्धालु खींचते हैं रथ
रथ यात्रा में सबसे रोमांचक पल तब आता है जब हजारों-लाखों श्रद्धालु मिलकर रथ की रस्सियां खींचते हैं। मान्यता है कि रथ खींचने से पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान जगन्नाथ का विशेष आशीर्वाद मिलता है।
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE Updates: गुंडिचा मंदिर तक होती है यात्रा
रथ यात्रा के दौरान तीनों भगवान श्रीमंदिर से निकलकर लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित गुंडिचा मंदिर पहुंचते हैं। मान्यता है कि यह भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर है, जहां वे कुछ दिनों तक विश्राम करते हैं।
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE Updates: रथ यात्रा का सबसे खास अनुष्ठान
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में छेरा पहंरा सबसे खास और परंपरागत रस्मों में से एक मानी जाती है। इस अनुष्ठान में पुरी के गजपति महाराजा सोने की झाड़ू से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों की सफाई करते हैं। इसके बाद रथों पर चंदन और सुगंधित जल का छिड़काव भी किया जाता है। इस परंपरा का संदेश है कि भगवान के सामने हर व्यक्ति समान है, चाहे वह राजा ही क्यों न हो। इसलिए पुरी के राजा को भगवान का पहला सेवक माना जाता है।
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE: पूरे देश में दिखी रथ यात्रा की धूम
पुरी के अलावा देश के कई शहरों में भी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्राएं निकाली गईं। मंदिरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया।
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE: आस्था और परंपरा का सबसे बड़ा पर्व
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भारत की समृद्ध संस्कृति और परंपरा का प्रतीक भी है। हर साल लाखों लोग इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनते हैं।
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE: रथ यात्रा में भगदड़ से 150 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती, एक की मौत
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE: सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पूरे शहर में भारी पुलिस बल, ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी की मदद से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। प्रशासन हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE : रथों पर विराजमान हुए बलभद्र, सुभद्रा और महाप्रभु
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE : रथ यात्रा में भगदड़ से एक की मौत
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE: गुंडिचा मंदिर तक जाएगी भगवान की यात्रा
मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर जाते हैं। यहां भगवान कुछ दिनों तक विश्राम करते हैं और फिर वापस लौटते हैं।
