Pradosh vrat October 2024: प्रदोष का व्रत भगवान भोलेनाथ को समर्पित व्रत है। ये व्रत त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। भगवान शिव को त्रयोदशी तिथि अत्यंत ही प्रिय है। प्रदोष व्रत रखने से साधक को अनेक लाभ होते हैं। इस व्रत के फल संतान सुख की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही संतान की आयु में भी वृद्धि होती है। घर परिवार में सुख, शांति के लिए भी ये व्रत उत्तम फलदायी माना जाता है। जो प्रदोष व्रत मंगलवार के दिन पड़ता है। उस प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। ऐसे में आइए जानें कि अक्तूबर मास का भौम प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा और इसके शुभ मुहूर्त के बारे में।
Pradosh vrat October 2024 (अक्तूबर प्रदोष व्रत 2024)
आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 15 अक्तूबर की शाम को 6 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगी। वहीं इस तिथि का समापन 16 अक्टूबर 2024, दोपहर 03.10 पर होगा। प्रदोष व्रत की पूजा शाम को होती है। ऐसे में भौम प्रदोष व्रत 15 अक्तूबर 2024 को रखा जाएगा।
Pradosh vrat October 2024 Shubh Muhurat (अक्तूबर प्रदोष व्रत 2024 शुभ मुहूर्त)
अक्तूबर का भौम प्रदोष 15 अक्तूबर 2024 को मंगलवार के दिन रखा जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 51 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 21 मिनट तक रहने वाला है।
Pradosh vrat Puja Vidhi (प्रदोष व्रत पूजा विधि)
- प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
- उसके बाद शिव जी प्रतिमा चौकी पर स्थापित करें।
- फिर शिव जी को फूल, बेलपत्र और अक्षत चंदन अर्पित करें।
- शाम के समय शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग की पूजा करें।
- अंत में कथा का पाठ करें और आरती करके भोग लगाएं।
Bhaum Pradosh Vrat importance (भौम प्रदोष व्रत महत्व)
भौम प्रदोष व्रत करने से साधक को निरोगी स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही भौम प्रदोष व्रत मंगलवार के दिन पड़ता है। इस दिन का व्रत करने से कुंडली में मांगलिक दोष से छुटकारा मिलता है। इसके साथ ही आर्थिक परेशानियां भी दूर होती है। भौम प्रदोष करने से कर्ज से भी छुटकारा मिलता है।
