Pitru Paksha: तिथि याद नहीं तो कब करें श्राद्ध? पितृपक्ष की इस तिथि को माना जाता है खास

Pitru Paksha: पूर्वज की मृत्यु तिथि याद न होने पर पितृपक्ष की कौन सी तिथि को श्राद्ध करना सही माना जाता है। जानें किन दिन ज्ञात-अज्ञात पितरों के लिए तर्पण, पिंडदान, भोजन और दान करने की परंपरा है।

Pitru Paksha: पितृपक्ष का समय पूर्वजों के स्मरण, तर्पण और श्राद्ध के लिए विशेष माना जाता है। सामान्य रूप से जिस हिंदू तिथि को किसी परिजन का निधन हुआ हो, पितृपक्ष में उसी तिथि पर उनका श्राद्ध किया जाता है। लेकिन कई परिवारों में वर्षों बाद मृत्यु की सही तिथि याद नहीं रहती। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर उस पूर्वज का श्राद्ध किस दिन किया जाए? इस स्थिति के लिए सर्वपितृ अमावस्या को विशेष महत्व क्यों दिया गया है। आइए जानते हैं पितृपक्ष की इस खास तिथि के बारे में...

Pitru Paksha

तिथि याद न हो तो कब करें श्राद्ध! (Image AI Generated and Newsroom Verified)

तिथि न हो याद तो इस दिन करें श्राद्ध

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि किसी पूर्वज की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं है या परिवार को उनकी श्राद्ध तिथि याद नहीं है, तो पितृपक्ष की सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध, तर्पण आदि करने की परंपरा है। इसे सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या या महालय अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन ज्ञात और अज्ञात पितरों का स्मरण किया जाता है।

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