Sawan 2025: भोलेनाथ के इस मंदिर में बिना सिर ढके आते हैं भक्त, इकलौते दक्षिणमुखी शिवलिंग के आगे कांपता है काल भी

Sawan 2025: देश में भोलेनाथ एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां स्थापित दक्षिणमुखी है। यहां आने पर काल भी कांपता है। इस मंदिर की एक और मान्यता है कि यहां भक्त अपना सिर ढक कर नहीं आते हैं। यह मंदिर है उज्जैन का ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर। शिव जी को यहां उज्जैन के राजा के रूप में पूजा जाता है।

Sawan 2025: कालों के काल महाकाल। द्वादश ज्योतिर्लिंग में तीसरे नंबर पर पूजे जाते हैं। कलयुग के कर्ता धर्ता और प्राणियों के काल हरने वाले महाकाल। यहां महादेव एक मात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग के तौर पर विराजते हैं। वास्तु में दक्षिण दिशा के स्वामी मृत्यु के देवता यमराज को माना गया है। मृत्यु से परे होने के कारण ही भगवान महाकाल को ये नाम दिया गया है। इसलिए यह भी मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से भगवान महाकालेश्वर के दर्शन व पूजन करता है उसे मृत्यु उपरांत यमराज द्वारा दी जाने वाली यातनाओं से मुक्ति मिल जाती है।

Mahakaleshwar Temple, ujjain temple photos

Mahakaleshwar Temple, Ujjain

दक्षिण दिशा की ओर है शिवलिंग

पूरे संसार के सभी शिव मंदिरों में जहां शिवलिंग और अन्य ज्योतिर्लिंग की जलाधारी उत्तर दिशा की ओर है, महाकालेश्वर ही एक ऐसा ज्योतिर्लिंग है जिसकी जलधारी दक्षिण दिशा की ओर है। महाकाल जो उज्जैन के राजा हैं, उनके सामने सिर नहीं ढका जाता है। शास्त्रों में वर्णन है कि जहां राजा उपस्थित हो, वहां दूसरा कोई सिर ढककर नहीं बैठ सकता। यही कारण है कि महाकाल मंदिर में सिर ढकना वर्जित है। ऐसे में इस क्षेत्र की महिमा स्वर्ग से भी बढ़कर है और जिसे सब तीर्थों में श्रेष्ठ माना गया है।

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