Paush Amavasya Vrat Katha: पौष अमावस्या की व्रत कथा, पौराणिक कहानी से जानें इस दिन स्नान दान का महत्व

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 23, 2022, 12:29 PM IST

Paush Amavasya 2022 Vrat Katha in Hindi: पौष अमावस्या का खास महत्व माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग खुलता व पाप दूर होते हैं। पौष अमावस्या व्रत में कथा के पाठ का भी बहुत महत्व है। यहां आप पौष अमावस्या व्रत कथा हिंदी में पढ़ सकते हैं।

Paush Amavasya 2022 Vrat Katha in Hindi: साल की अंतिम अमावस्या पौष अमावस्या 23 दिसंबर शुक्रवार को है । यह इस वर्ष की आखिरी अमावस्‍या है इसके बाद शुक्ल पक्ष प्रारंभ हो जाएगा। यह अमावस्या मनोकामना पूर्ण करने वाली है।इस दिन विधि विधान से पूजा करने से देवता प्रसन्न होते हैं और पितरों का विशेष आशीर्वाद मिलता है।विवाहित स्त्रियों को इस दिन व्रत करना चाहिए।

Paush Amavasya Vrat Katha: पौष अमावस्या की व्रत कथा, पौराणिक कहानी से जानें इस दिन स्नान दान का महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार पौष अमावस्या तिथि 22 दिसंबर 2022 को शाम 07 बजकर 14 मिनट पर आरंभ होकर 23 दिसंबर 2022 को दोपहर 03 बजकर 42 मिनट पर समाप्त होगी। क‍था अनुसार इस दिन पीपल के वृक्ष की परिक्रमा कर उसकी पूजा करनी चाहिए आइए जानते हैं इसके पीछे का इतिहास।

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