Parvati Mata Ki Aarti Lyrics In Hindi, Jai Parvati Mata Maiya Jai Parvati Mata Aarti in Hindi: भगवान शिवशंकर की अर्धांगिनी माता पार्वती का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। माता पार्वती को शक्ति, प्रेम, सौंदर्य, सद्भाव, और संतान की देवी माना जाता है। पार्वती माता अत्यंत दयालु स्वभाव की हैं और संतानों पर सदैव उनकी दया दृष्टि बनी रहती है। इसके अलावा अगर आप पार्वती माता को प्रसन्न करने के लिए पूजा-पाठ करना चाहते हैं तो उनकी आरती जरूर उतारनी चाहिए। कहते हैं पार्वती जी की नियमित पूजा-अर्चना करने से महिलाओं को अखंड सौभाग्यवती का वरदान मिलता है। इतना ही नहीं निःसंतान को संतान सुख भी माता पार्वती की कृपा से ही मिलती है। यहां जानिए पार्वती माता की पवित्र आरती की लिरिक्स हिंदी में।
Sita Mata Ki Aarti: जय पार्वती माता जय पार्वती माता ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता के हिंदी लिरिक्स
श्री पार्वती जी की आरती, Parvati Mata Ki Aarti:
जय पार्वती माता, जय पार्वती माता,
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता ।
अरिकुलपद्म विनासनी जय सेवकत्राता,
जगजीवन जगदंबा हरिहर गुण गाता ।
सिंह का वाहन साजे कुंडल हैं साथा,
देवबंधु जस गावत नृत्य करत ता था ।
सतयुग रूप शील अति सुंदर नाम सती कहलाता,
हेमांचल घर जन्मी सखियन संग राता।
शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्थाता,
सहस्त्र भुज तनु धरिके चक्र लियो हाथा ।
सृष्टि रूप तुही है जननी शिवसंग रंगराता,
नंदी भृंगी बीन लही है हाथन मदमाता।
देवन अरज करत तव चित को लाता,
गावत दे दे ताली मन में रंगराता ।
श्री “ओम” आरती मैया की जो कोई गाता,
सदा सुखी नित रहता सुख सम्पत्ति पाता ।।
माता पार्वती की आरती से लाभ, Parvati Aarti Benefits:
पार्वती माता की आरती करने से भक्तों पर मां की अपार कृपा बरसती है और महिलाओं को सौभाग्यवती का वरदान मिलता है। आरती के पूर्ण प्रभाव से घरों में सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है। इसके अलावा परिवार में चल रही दुख-दुविधा दूर होते हैं और जीवन में अनुकूलता बनी रहती है। इतना ही नहीं, पार्वती माता की आरती के पुण्य प्रभाव से घर मेंं खुशी और संपन्नता बनी रहती है।
पार्वती आरती का सही समय, Parvati Mata Ki Aarti Time:
पार्वती माता की आरती वैसे तो रोजाना सुबह शाम करना ही चाहिए। लेकिन, रोज रोज आरती कर पाना संभव नहीं तो कम से कम शुक्रवार, जया पार्वती और अहोई अष्टमी व्रत वाले दिन पार्वती माता की आरती जरूर करनी चाहिए।
