Padmini Ekadashi Vrat Parana Time: हिंदू धर्म में अधिकमास के दौरान आने वाली पद्मिनी एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और मान्यता है कि इसे श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर सुख-समृद्धि, पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है। एकादशी व्रत का पारण सही समय पर करना बेहद जरूरी माना गया है, क्योंकि तभी व्रत पूर्ण फलदायी होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पारण द्वादशी तिथि में नियमपूर्वक किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु पारण के समय सात्विक भोजन ग्रहण कर व्रत का समापन करते हैं। आइए जानते हैं कब किया जाएगा पद्मिनी एकादशी व्रत का पारण।
पद्मिनी एकादशी व्रत का पारण टाइम
पद्मिनी एकादशी व्रत के पारण की तारीख
इस वर्ष पद्मिनी एकादशी व्रत का पारण 28 मई 2026 गुरुवार के दिन किया जाएगा। आज से शुरु हुए एकादशी व्रत का पारण कल किया जाना है। एकादशी के बाद द्वादशी तिथि में व्रत के पारण का विधान है। माना जाता है कि एकादशी व्रत के बाद द्वादशी तिथि में यदि व्रत का पारण न किया जाए तो पाप का भागी बनना होता है।
पद्मिनी एकादशी व्रत के पारण का समय
पद्मिनी एकादशी व्रत का पारण 28 मई गुरुवार के दिन किया जाना है। इस दिन एकादशी व्रत खोलने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 25 मिनट से सुबह लगभग 8 बजे तक है। इस समय के बीच व्रत का पारण करना सबसे ज्यादा शुभ माना जाएगा।
एकादशी व्रत के पारण में क्या नहीं खाना चाहिए
एकादशी व्रत के पारण के समय तामसिक और भारी भोजन से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पारण में प्याज, लहसुन, मांसाहार, शराब और अत्यधिक मसालेदार भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा बासी भोजन, अधिक तली-भुनी चीजें और क्रोध या अशुद्ध मन से भोजन करना भी वर्जित माना गया है। पारण हमेशा सात्विक भोजन से करना शुभ माना जाता है। फल, दूध, खिचड़ी, मूंग दाल, हल्का भोजन और तुलसी युक्त प्रसाद ग्रहण करना उत्तम माना जाता है। मान्यता है कि नियमपूर्वक और शुद्ध भाव से पारण करने पर व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
