Navratri Akhand Jyoti: नवरात्रि में किस दिशा में जलाएं अखंड ज्योति? वास्तु के अनुसार जानें सही जगह

Navratri Akhand Jyoti: नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाते समय सही दिशा और वास्तु नियमों का ध्यान रखना शुभ माना जाता है। जानें माता की चौकी की सही जगह, दीपक की लौ का रुख और अखंड ज्योति जलाते समय जरूरी सावधानियां।

Navratri Akhand Jyoti: नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना, साधना और भक्ति का विशेष अवसर माना जाता है। इन नौ दिनों में भक्त विधि-विधान से घटस्थापना करते हैं और माता रानी के सामने अखंड ज्योति प्रज्वलित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अखंड ज्योति को शक्ति, सकारात्मकता और निरंतर भक्ति का प्रतीक माना जाता है। कई घरों में नवरात्रि के पहले दिन से लेकर नवमी तक यह ज्योति लगातार जलती रहती है। ऐसे में सवाल उठता है कि अखंड ज्योति किस दिशा में रखनी चाहिए और इसे जलाते समय किन वास्तु नियमों (Akhand Jyoti Vastu Rules) का ध्यान रखना जरूरी है? आइए जानते हैं।

Navratri Akhand Jyoti

अखंड ज्योति के वास्तु टिप्स (Image- AI Generated and Newsroom Verified)

अखंड ज्योति के लिए शुभ दिशा

वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, अखंड ज्योति रखने के लिए घर या पूजा स्थल का आग्नेय कोण यानी दक्षिण-पूर्व दिशा शुभ मानी जाती है। इस दिशा का संबंध अग्नि तत्व से जोड़ा जाता है। इसलिए परंपरागत वास्तु मान्यताओं में दीपक और अग्नि से जुड़े कार्यों के लिए इस दिशा को विशेष महत्व दिया जाता है।

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