Mantra Sadhna: मंत्र साधना का आधार जुड़ा है विज्ञान से, मंत्र सिद्धि करना चाहते हैं तो आज से शुरू करें ये प्रयोग

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 14, 2023, 02:15 PM IST

Mantra Sadhna: कलयुग में साधक की आयु के अनुसार घटा है मंत्र साधना का क्रम। मंत्र साधना की आवृत्ति सर्वाधिक थी सतयुग में। मंत्र साधना के बल पर निर्धारित होते हैं मृत्यु के बाद लोक। शारीरिक पीड़ा को खत्म करने का मंत्र साधना है सरल माध्यम। मंत्र सिद्ध कर जाग्रत कर सकते हैं कुंडलिनी शक्ति भी।

KEY HIGHLIGHTS
  • युग के अनुसार बदलती है मंत्र साधना
  • शास्त्रों में है लिखा मंत्र साधना का महत्व
  • मंत्र साधना से रोगों का हो सकता है उपचार

Mantra Sadhna: आज के युग में मनुष्य की आयु का मानदंड बहुत कम है। इसलिए साधक के लिए मंत्र आवृत्ति के लक्ष्य भी कम रखे गए हैं। शास्त्रों में उल्लेख है कि साधक केवल ब्रह्म शक्तियों के मूल नामों की आवृत्ति कर कई लक्ष्य प्राप्त कर सकता है। आज हम आपको बताते हैं मंत्र साधना के अनेक लाभ, जिससे आप अपने जीवन और मृत्यु दोनों सुधार सकते हैं।

Mantra Sadhna

मंत्र साधना और विज्ञान

आयु और स्वास्थ्य को मिलता है लाभ

मंत्र साधना से कई योगी साधकों ने कई युगों की साधना भी की और युगों युगों तक अपनी साधना के बल पर जीवित रहे। क्योंकि मंत्र साधना के बल पर ही सारा विश्व आश्रित है। मंत्रों की लगातार आवृत्ति से परलोकों में स्थान मिलता है। ये उल्लेख सनातन धर्म के कई ग्रंथाें में भी मिलता है। वर्तमान की मंत्र साधना में उपचार, भौतिक सुख प्राप्ति के मंत्र, तंत्र, यंत्रों की भरमार है। सारे साधक शरीर चक्र कुंडलिनी जागरण, पराशक्ति तत्वों के चमत्कार और दैविक शक्तियों से सुख की आकांक्षा काे लेकर साधना करते हैं। मंत्र साधक दृढ़ निश्चय और साधना सिद्धांतों का पालन करने वाला होना चाहिए। सबसे पहले मंत्रोच्चार दोष को दूर करना चाहिए। आसन, पूजन सामग्री का ज्ञान लें और निश्चित लक्ष्य प्राप्ति के लिए सभी क्रियाओं को पूर्ण करें।

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