Manikarnika Snan: कार्तिक पूर्णिमा के दिन करें मणिकर्णिका घाट पर स्नान, जानें इसका महत्व

Manikarnika Snan Date: शास्त्रों में मणिकर्णिका घाट का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। ये घाट बनारस का मुख्य स्थान है। ऐसी मान्यता है कि यहां पर मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार होने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं मणिकर्णिका घाट पर स्नान का महत्व।

Manikarnika Snan: इस बार कार्तिक पूर्णिमा 27 नवंबर को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन देवताओं ने त्रिपुरासुर के वध पर प्रसन्न होकर काशी में दीपक जलाए जाते हैं, इसलिए इस दिन को देव दीपावली कहा जाता है। कार्तिक पूर्णिमा के दौरान स्नान और दान का विशेष महत्व है। इस दिन मणिकर्णिका घाट पर स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कार्तिक पूर्णिमा के दिन मणिकर्णिका घाट पर स्नान का क्या महत्व है।

Manikarnika Snan

मणिकर्णिका घाट पर स्नान का महत्व ( Manikarnika Snan Importance)

कार्तिक पूर्णिमा के दिन वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन देवी-देवता इस घाट पर स्नान करने आते हैं और देव दिवाली मनाई जाती है। इस घाट पर स्नान करने से व्यक्ति के पाप नष्ट हो जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्णु ने अपना पहला स्नान मणिकर्णिका घाट पर किया था, इसलिए बैकुंठ चौदस की रात के तीसरे पहर में यहां स्नान करने से बैकुंठ की प्राप्ति होती है धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहां माता सती की बालियां गिरी थीं, इसलिए इसका नाम मणिकर्णिका पड़ा। यहीं पर देवी का शक्तिपीठ भी स्थित है।

कार्तिक स्नान महत्व ( Kartik Snan Importance)

कार्तिक पूर्णिमा के दिन महादेव ने राक्षस त्रिपुरासुर का वध किया था और भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था। कार्तिक माह में भगवान विष्णु माशा अवतार के रूप में जल में निवास करते हैं। ऐसे में कार्तिक माह में सूर्योदय से पहले किसी नदी या तालाब में स्नान कर तर्पण करने से व्यक्ति को वैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है। वह पाप से मुक्त हो जायेगा। कहा जाता है कि कार्तिक माह में देवता भी गंगा स्नान के लिए पृथ्वी पर आते हैं।

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