सोने जैसी चमकेगी इन 5 राशियों की किस्मत, मंगल-गुरु का अर्धकेंद्र योग देगा बड़ा फायदा

Mangal-Guru Ardhakendra Yog 2026: 29 जुलाई की शाम को मंगल और देवगुरु बृहस्पति ने अर्धकेंद्र योग बना लिया है। यह योग कुछ राशि वालों के लिए शुभ रहेगा।

Mangal Guru Ardhakendra Yog 2026: 29 जुलाई 2026 की शाम 7 बजकर 8 मिनट पर ग्रहों के सेनापति मंगल और देवगुरु बृहस्पति एक-दूसरे से 45 डिग्री के कोण पर आ गए हैं। इस कोणीय संबंध से अर्धकेंद्र योग (Semi-Square Aspect) का निर्माण हुआ है। इस समय मंगल वृषभ राशि के मृगशिरा नक्षत्र में हैं, जबकि बृहस्पति कर्क राशि में स्थित हैं। बृहस्पति अस्त अवस्था में हैं, लेकिन कर्क राशि में होने के कारण उनकी राशि शक्ति बनी हुई है। इस कारण यह योग पूरी तरह कमजोर नहीं माना जाएगा।

Mangal-Guru Ardhakendra Yog 2026  मंगल-गुरु के बीच बना अर्धकेंद्र योग किनके लिए अच्छा रहेगा

मंगल-गुरु के बीच बना अर्धकेंद्र योग किनके लिए अच्छा रहेगा

वैदिक ज्योतिष में मंगल साहस, एक्शन, नेतृत्व, भूमि और पराक्रम के कारक हैं। बृहस्पति ज्ञान, भाग्य, विस्तार, नैतिकता और दीर्घकालिक सफलता के ग्रह माने जाते हैं। जब दोनों ग्रह 45 डिग्री के कोण पर आते हैं तो व्यक्ति के भीतर मौजूद क्षमता को दिशा देने वाली ऊर्जा पैदा होती है। यह योग अचानक चमत्कार नहीं करता, बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेने वालों को आगे बढ़ाने का काम करता है।

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