Mandir Darshan: इस मंदिर में बिच्छुओं से खेलने आते हैं भक्त, डंक का भी नहीं होता असर

Mandir Darshan: मां कोंडामेश्वरी के भक्त घाव पर हल्दी और अन्य जड़ी-बूटियों से बना लेप लगाते हैं। वहां बिच्छू काटने पर इलाज के लिए कोई भी डॉक्टर के पास नहीं जाता है, बल्कि लेप लगाकर और मां की आराधना कर खुद को ठीक करने की कोशिश की जाती है।

दक्षिण भारत में कई रहस्यमयी मंदिर और चमत्कारी स्थल हैं, जहां अलग-अलग मान्यताओं की वजह से भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। दक्षिण भारत में एक ऐसा मंदिर है, जहां भक्त जहरीले बिच्छुओं के साथ खेलने के लिए मां के मंदिर में पहुंचते हैं। भक्तों का मानना है कि ऐसा करने से देवी कोंडामयी प्रसन्न होती हैं और सारी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। यह अद्भुत मंदिर यादगिरी जिले में स्थापित है।

Kondeshwari Temple

रहस्यमयी कोंडामेश्वरी मंदिर जहां हर साल लगता है जहरीले बिच्छुओं का मेला (Photo: iStock)

मां कोंडामेश्वरी के मंदिर को बिच्छुओं की देवी कहा जाता है। नाग पंचमी के दिन दूर-दूर से लोग देवी कोंडामयी के दर्शन के लिए आते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि नाग पंचमी के दिन मां की विशेष पूजा अर्चना होती है और मंदिर में भक्तों के साथ बहुत सारे बिच्छू भी जाते हैं। भक्तों का मानना है कि पहाड़ पर बने इस मंदिर में साल में एक दिन, यानी नाग पंचमी के दिन ही बड़ी संख्या में बिच्छू अपने बिलों से बाहर आते हैं।

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