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मौनी अमावस्या क्यों मनाई जाती है, क्या है इस दिन का पौराणिक महत्व, जानिए स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

लवीना शर्माUpdated Jan 29, 2025, 20:51 IST

मौनी अमावस्या पर महाकुंभ का तीसरा अमृत स्नान है। इस दिन करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करने के लिए पहुंच रहे हैं। जानिए मौनी अमावस्या पर स्नान-दान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

मौनी अमावस्या क्यों मनाई जाती है, क्या है इस दिन का पौराणिक महत्व, जानिए स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
मौनी अमावस्या क्यों मनाई जाती है, क्या है इस दिन का पौराणिक महत्व, जानिए स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग अनुसार माघ कृष्ण पक्ष में आने वाली अमावस्या को माघी अमावस्या या मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस दिन पवित्र नदी, कुंड या जलाशय में स्नान करना बेहद फलदायी होता है। प्रचलित मान्यताओं के अनुसार जो लोग भी माघ अमावस्या पर अपने पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध कर्म करते हैं, उनके पितरों की आत्माएं तृप्त होकर उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान करती हैं। जिससे जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। चलिए आपको बताते हैं मौनी अमावस्या कब है और इस दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

Mauni Amavasya Ke Upay

मौनी अमावस्या कब है 2025 (Mauni Amavasya 2025 Date)
मौनी अमावस्या इस साल 29 जनवरी 2025 को मनाई जा रही है। अमावस्या तिथि का प्रारंभ 28 जनवरी की शाम 7 बजकर 35 मिनट पर हो गया है और इसका समापन 29 जनवरी की शाम 6 बजकर 5 मिनट पर होगा।

Maun Vrat Timing On Mauni Amavasya 2025

मौनी अमावस्या 2025 अमृत स्नान मुहूर्त (Mauni Amavasya 2025 Amrit Snan Muhurat)
पहला मुहूर्त- 07:20 AM से 08:44 AM
दूसरा मुहूर्त- 08:44 AM से 10:07 AM
तीसरा मुहूर्त- 11:30 AM से 12:53 PM
चौथा मुहूर्त- 05:02 PM से 06:25 PM

Mauni Amavasya Snan Vidhi At Home In Hindi

मौनी अमावस्या 2025 स्नान मंत्र (Mauni Amavasya 2025 Snan Mantra)
त्रिवेणीं माधवं सोमं भरद्वाजं च वासुकिम् । वन्देऽक्षयवटं शेषं प्रयागं तीर्थनायकम् ।। अगर मौनी अमावस्या पर आप नहाते समय इस मंत्र को बोलते हैं तो आप त्रिवेणी संगम में स्नान करने का फल घर बैठे प्राप्त कर लेंगे।

JAN 29, 2025 14:33 IST

मौनी अमावस्या पर क्या करें

मौनी अमावस्या के दिन पवित्र जल में स्नान करने के बाद जरूरतमंदों को दान जरूर करना चाहिए।
JAN 29, 2025 13:29 IST

Mauni Amavasya 2025 Snan LIVE: मौनी अमावस्‍या पर बन रहा है शुभ योग

मौनी या माघ अमावस्‍या पर सिद्धि योग बन रहा है। इस योग की शुरुआत 28 जनवरी, 2025 को रात्रि 11 बजकर 51 मिनट पर होगी और इसका समापन 29 जनवरी को रात्रि 09 बजकर 09 मिनट पर होगा।
JAN 29, 2025 12:22 IST

Maun Vrat Time Today 2025: मौन व्रत समय

मौनी अमावस्या पर मौन व्रत स्नान करने तक भी रखा जा सकता है और यदि आप चाहें तो किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए पूरे दिन भी मौन व्रत धारण कर सकते हैं। अगर दिन भर मौन व्रत रह रहे हैं तो सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक मौन व्रत रहें। व्रत का समापन शाम के समय में भगवान विष्णु या शिव जी के पूजन और आरती के बाद करें।
JAN 29, 2025 11:53 IST

मौनी अमावस्या के बाद शाही स्नान कब है?

मौनी अमावस्या के बाद शाही स्नान 3 फरवरी को बसंत पंचमी के दिन किया जाएगा।
JAN 29, 2025 10:48 IST

मौनी अमावस्या व्रत कथा (Mauni Amavasya Vrat Katha)

मौनी अमावस्या की कथा अनुसार एक बार कांचीपुरी में देवस्वामी नामक एक ब्राह्मण अपने बेटे और बेटी के साथ रहता था। जिसकी पत्नी का नाम धनवती था और उसके सभी बेटों का विवाह हो चुका था। अब बस उसकी एक पुत्री ही विवाह योग्य बची थी जिसके लिए वर की खोज की जा रही थी। इस कार्य के लिए ब्राह्मण ने अपने बड़े बेटे को नगर भेजा था। जब ब्राह्मण ने एक ज्योतिषी को अपनी बेटी की कुंडली दिखाई, तो ज्योतिषी ने उसे बताया कि आपकी बेटी जिस किसी से शादी करेगी उस इंसान की शादी के तुरंत बाद ही मृत्यु हो जाएगी और आपकी बेटी विधवा हो जाएगी। ये बात सुनकर ब्राह्मण दुखी हो गया। लेकिन ज्योतिषी ने इस समस्या का उपाय भी बताया और ब्राह्मण को कहा कि सिंहलद्वीप में एक सोमा नाम की धोबिन रहती है। यदि वह आपके घर आकर पूजा करेंगी, तो इससे आपकी बेटी की कुंडली से विधवा का दोष समाप्त हो जाएगा।

जिसके बाद ब्राह्मण उस महिला की तलाश में निकल पड़ा, लेकिन इसके लिए उसे समुद्र को पार करना था जिसे पार करना काफी मुश्किल था। जब काफ़ी समय तक कोई उपाय नहीं मिला, तो वह भूखा-प्यासा ही एक वट वृक्ष के नीचे आराम करने के लिए बैठ गया। उस पेड़ पर एक गिद्ध का परिवार रहा करता था। ब्राह्मण से गिद्ध ने उसकी उदासी का कारण पूछा, तब उसने सारी बात बतला दी। ये बात सुनकर गिद्ध ने ब्राह्मण को उसकी समस्या का समाधान करने आश्ववासन दिया। फिर अगले दिन गिद्ध ने देवस्वामी को उस धोबिन के घर पहुंचा दिया।

जिसके बाद, देवस्वामी ने सोमा को पूजा करने के लिए उसके घर आने के लिए कहा और फिर धोबिन सोमा स विधि-विधान से पूजा करने के बाद गुणवती का विवाह कर दिया गया। लेकिन, इस उपाय को करने के बाद भी उसके पति का निधन हो गया और फिर सोमा ने अपने पुण्य का दान गुणवती को दिया। जिसके बाद उसका पति पुनः जीवित हो गया। जब सोमा धोबिन अपने घर वापस आ गई तो उसने देखा कि उसके पुण्य कर्मों गुणवती को देने की वजह से उसके बेटे, पति और दामाद की मृत्यु हो गई है। जिसके बाद सोमा नदी के किनारे पीपल के वृक्ष के नीचे बैठकर भगवान विष्णु की पूजा करने लगी और साथ ही, उसने पीपल की भी 108 बार परिक्रमा की। जिससे प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उसके बेटे, पति और दामाद को पुनः जीवित कर दिया। कहते हैं उस समय से ही मौनी अमावस्या का व्रत रखने की परंपरा शुरू हो गई।
JAN 29, 2025 10:29 IST

कुंभ में शाही स्नान का महत्व (Kumbh Shahi Snan Mahatva)

कुंभ में शाही स्नान को बेहद खास माना जाता है क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इस दिन संगम में डुबकी लगाने से कई गुना ज्यादा पुण्य की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं कहा ये भी जाता है कि इस दिन स्नान करने से न सिर्फ इस जन्म के, बल्कि पिछले जन्म के पाप भी नष्ट हो जाते हैं। साथ ही पितरों की आत्मा को भी शांति प्राप्त होती है। मोक्ष की प्राप्ति के लिए भी इस स्नान का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है।
JAN 29, 2025 09:46 IST

महाकुंभ के कितने शाही स्नान बचे हैं (Mahakumbh Shahi Snan Dates 2025)

3 फरवरी 2025- बसंत पंचमी पर महाकुंभ का चौथा शाही स्नान
12 फरवरी 2025 - माघ पूर्णिमा पर महाकुंभ का पांचवां शाही स्नान
26 फरवरी 2025 - महाशिवरात्रि पर महाकुंभ का छठा शाही स्नान
JAN 29, 2025 09:14 IST

Mauni Amavasya Mantra: मौनी अमावस्या पर मंत्र

  • ॐ पितृभ्यः स्वाहा
  • ॐ सर्वे देवाः स्वाहा
  • ॐ लक्ष्म्यै नमः
  • ऊँ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:.
  • श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा.
  • ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमः।
  • ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:।
  • ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः।
JAN 29, 2025 08:56 IST

29 जनवरी 2025 पंचांग (29 January 2025 Panchang)

संवत---पिङ्गला विक्रम संवत 2081
माह-माघ, कृष्ण पक्ष,मौनी अमावस्या
तिथि- अमावस्या
दिवस -बुधवार
सूर्योदय-07:24am
सूर्यास्त-05:30pm
नक्षत्र- उत्तराषाढ़ा
चन्द्र राशि - मकर ,स्वामी -शनि
सूर्य राशि- मकर,स्वामी ग्रह-शनि
करण- शकुनि
योग- सिद्धि
JAN 29, 2025 08:25 IST

Mauni Amavasya 2025 Kumbh 2nd Amrit Snan Live: मौनी अमावस्या स्नान कुंभ लाइव

JAN 29, 2025 07:41 IST

Today Mauni Amavasya 2025 Start And End Date: मौनी अमावस्या कब से कब तक रहेगी

अमावस्या तिथि का प्रारंभ 28 जनवरी की शाम 7 बजकर 35 मिनट पर हो गया है और इसका समापन 29 जनवरी की शाम 6 बजकर 5 मिनट पर होगा।
JAN 29, 2025 07:08 IST

Mauni Amavasya Shubh Muhurat 2025: मौनी अमावस्या शुभ मुहूर्त

लाभ - उन्नति - 07:20 AM से 08:44 AM
अमृत - सर्वोत्तम - 08:44 AM से 10:07 AM
शुभ - उत्तम - 11:30 AM से 12:53 PM
चर - सामान्य - 03:39 PM से 05:02 PM
लाभ - उन्नति - 05:02 PM से 06:25 PM
JAN 29, 2025 06:41 IST

मौनी अमावस्या के दिन घर पर स्नान कैसे करें

मौनी अमावस्या के दिन घर पर नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
JAN 29, 2025 06:06 IST

Mauni Amavasya Puja-Vrat Vidhi In Hindi: मौनी अमावस्या की पूजा-व्रत विधि

  • मौनी अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगा नदी में स्नान करना चाहिए। अगर नदी स्नान संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा साल गंगाजल मिलाकर स्नान जरूर कर लेना चाहिए।
  • इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लेना चाहिए।
  • इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने के बाद तुलसी मैया की 108 बार परिक्रमा करनी चाहिए।
  • पूजा के बाद सामर्थ्य के अनुसार गरीबों को भोजन, धन और वस्त्र आदि का दान जरूर करें।
  • इस दिन मौन व्रत जरूर धारण करना चाहिए।
  • इस दिन अपने पितरों का स्मरण जरूर करें।
JAN 28, 2025 22:56 IST

Mauni Amavasya 2025: मौनी अमावस्या पर स्नान करने की विधि

जो लोग 29 जनवरी 2025 को यानी मौनी अमावस्या के दिन कुम्भ नहीं जा पा रहे हैं वो लोग घर पर ही स्नान पात्र में थोड़ा गंगाजल डालकर और फिर उसमें दूसरा जल मिलाकर मां गंगा, यमुना व सरस्वती का नाम लेकर और साथ ही ॐ नमो भगवते वासुदेवायः महामंत्र का मानसिक जप करते हुए स्नान करें। ऐसा करने से उन्हें वही फल प्राप्त होता है।
JAN 28, 2025 21:46 IST

मौनी अमावस्या पर दान का महत्व (Mauni Amavasya Par Daan Ka Mahatva)

मौनी अमावस्या पर दान करना बेहद श्रेष्ठ माना गया है। इस दिन जरूरतमंदों को दान देने से पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही दान करने वाले व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। शास्त्रों में भी दान सबेस बड़ा पुण्य का काम बताया गया है। अगर पितृ दोष से पीड़ित हैं तो इस दिन तिल, तेल और वस्त्रों का दान अवश्य करें।
JAN 28, 2025 21:00 IST

Ganga Snan Mantra Lyrics: गंगा स्नान मंत्र

गंगा सिंधु सरस्वती च यमुना, गोदावरी नर्मदा । कावेरी शरयू महेंद्रतनया शर्मण्वती वेदिकाक्षिप्रा वेत्रवती महासुर नदी, ख्याता गया गंडकी । पूर्णा पूर्ण जलैः समुद्र सरिता, कुर्यातसदा मंगलम ।।
JAN 28, 2025 20:29 IST

Mauni Amavasya Daan: मौनी अमावस्या पर किन चीजों का दान सबसे शुभ होता है?

मौनी अमावस्या पर भोजन, धन, वस्त्र, तिल, आंवला, कंबल, पलंग इत्यादि चीजों का दान शुभ माना जाता है।
JAN 28, 2025 20:00 IST

Mauni Amavasya Upay: मौनी अमावस्या उपाय


मौनी अमावस्या के दिन घर के मुख्य द्वार पर जल में हल्दी मिलाकर छींटे लगाएं और साथ ही, घर की चौखट की साफ-सफाई करें। इस उपाय को करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।
JAN 28, 2025 19:28 IST

Mauni Amavasya Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics: गणेश जी की आरती लिरिक्स हिंदी में

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥
भगवान गणेश की जय, पार्वती के लल्ला की जय