Magh Purnima 2023 Puja Upay: हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष माघ महीने के अंतिम दिन पूर्णिमा होती है। इसे माघ पूर्णिमा या माघी पूर्णिमा कहा जाता है। इस साल 2023 में माघ पूर्णिमा 5 फरवरी को पड़ रही है। माघ पूर्णिमा के दिन स्नान, दान, पूजा, व्रत और सत्यनारायण कथा के आयोजन का महत्व होता है। पूर्णिमा के दिन की पूजा-पाठ से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही इस दिन कुछ उपायों को करने से आर्थिक संकट, शारीरिक परेशानी और गृह क्लेश से लेकर समस्त दुखों से मुक्ति मिलती है। जानते हैं माघ पूर्णिमा से जुड़े उपायों के बारे में।
माघ पूर्णिमा पर करें ये उपाय, समस्त दुखों का होगा नाश
माघ पूर्णिमा उपाय (Magh Purnima 2023 Upay)
मनोकामना पूर्ति के लिए
माघ पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान करें और इसके बाद पूजा करें। इस दिन तुलसी पूजन जरूर करें और जल अर्पित करने के बाद सुबह-शाम घी का दीपक जलाएं। इस उपाय से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
आर्थिक समस्या से मुक्ति के लिए
माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के साथ ही मां लक्ष्मी की भी पूजा करें। पूजा में मां लक्ष्मी को लाल धागे में बांधकर सुपारी चढ़ाएं। सुपारी में रोली, चंदन और अक्षत भी लगाएं। पूजा के बाद इस सुपारी को तिजोरी या धन रखने वाले स्थान पर रख दें। इससे आर्थिक सकंट की समस्या दूर होगी।
सुख-समृद्धि के लिए
माघी पूर्णिमा की रात लक्ष्मी जी को गंगाजल मिश्रित जल अर्पित करें और खीर का भोग लगाएं। इससे परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहगी।
धन वृद्धि के लिए
आमदनी में बढ़ोतरी और धन लाभ के लिए माघ पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी जी की पूजा करते समय कनकधारा स्त्रोत या श्रीसुक्त का पाठ जरूर करें। यदि आप इन स्त्रोत का पाठ नहीं कर सकते तो मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप कर लें। इससे भी मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
गृह दोष से मुक्ति के लिए
माघ पूर्णिमा के दिन घर पर सत्यनारायण भगवान के पूजा का आयोजन कराएं और आम के साथ ही पलाश की लड़कियों से हवन कराएं। इससे गृह दोष दूर होता है।
निरोगी जीवन के लिए
मान्यता है कि माघी पूर्णिमा के दिन पीपल वृक्ष में मां लक्ष्मी का आगमन होता है। इसलिए इस दिन पीपल वृक्ष की पूजा का महत्व है। माघ पूर्णिमा के दिन पीपल में जल चढ़ाएं और दीपक जलाएं। साथ ही फूल और भोग भी अर्पित करें। इससे अरोग्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
