Ravivar Ko Tulsi Vivah Kaise Kare (रविवार को तुलसी विवाह कैसे करें): पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि, यानी देवउठनी एकादशी के एक दिन बाद तुलसी विवाह किया जाता है। इस बार कि द्वादशी तिथि आज यानी 2 नवंबर को है। लेकिन अब चूंकि 2 नवंबर को रविवार भी है, तो सवाल ये उठता है कि क्या आज तुलसी विवाह कर सकते हैं? और अगर आज नहीं तो फिर कब होगा तुलसी विवाह? रविवार के दिन तुलसी विवाह कैसे करें? आपकी ये सारी कंफ्यूजन यहां से दूर होगी।
रविवार को कैसे होगा तुलसी विवाह? (pic credit: canva)
क्या आज तुलसी विवाह कर सकते हैं?
आज रविवार का दिन है और आज के दिन तुलसी छूने की मनाही होती है तो ऐसे में तुलसी विवाह कर पाना संभव नहीं नजर आता है। लेकिन पंडितों के अनुसार जब किसी धार्मिक पर्व की तिथि और वार का संयोग बनता है तो तिथि का महत्व वार से अधिक होता है, इसलिए तुलसी विवाह के दिन रविवार पड़ने के बावजूद विवाह संस्कार करना पूर्णतः शुभ माना गया है। इसलिए आज भी तुलसी विवाह कर सकते हैं। बस आपको कुछ नियमों का पालन जरूर करना होगा।रविवार को तुलसी विवाह कैसे करें, क्या हैं नियम-
- रविवार के दिन तुलसी को स्पर्श न करें।
- भूलकर भी तुलसी के पत्ते न तोड़ें।
- दूर से जल अर्पित करें या शंख से जल चढ़ाएं।
- तुलसी विवाह का पूजन सूर्यास्त के बाद करना उत्तम माना गया है। भक्त पहले सूर्य देव को जल अर्पित कर उनसे अनुमति लेते हैं, फिर तुलसी माता को स्नान कराकर विवाह विधि संपन्न की जाती है।
क्या आज तुलसी तोड़ सकते हैं?
आज तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए क्योंकि आज रविवार है, और ज्योतिष के अनुसार रविवार को तुलसी नहीं तोड़ते हैं। इसके अलावा, आप तुलसी के पत्ते शुक्रवार, एकादशी, अमावस्या, द्वादशी और चंद्र या सूर्य ग्रहण के दिन भी नहीं तोड़ सकते हैं।
आज नहीं तो कब होगा तुलसी विवाह?
तुलसी विवाह उत्सव कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक मनाया जाता है। यानी कार्तिक महीने के आखिरी 5 दिन तुलसी विवाह संपन्न कराने के लिए सबसे शुभ होते हैं। ऐसे में आप 1 से 5 नवंबर तक में कभी भी तुलसी जी और शालिग्राम भगवान का विवाह करा सकते हैं। 5 नवंबर को देव दिवाली है और ज्यादातर लोग उसी दिन तुलसी पूजा करेंगे।
