सद्गुरु से जानिए, ब्रह्माण्ड में कैसे हुआ देवी का जन्म? जानें उनके 3 रूपों का महत्व

नवरात्रि का उत्सव पूरे देश में धूम-धाम से मनाया जा रहा है और देवी की अलग-अलग रूपों में पूजा की जा रही है। नवरात्रि ईश्वर की स्त्री प्रकृति को समर्पित 9 दिन हैं और इस समय के दौरान प्रकृति में सहज ही स्त्री गुण प्रभावी होता है।

नवरात्रि का उत्सव पूरे देश में धूम-धाम से मनाया जा रहा है और देवी की अलग-अलग रूपों में पूजा की जा रही है। नवरात्रि ईश्वर की स्त्री प्रकृति को समर्पित 9 दिन हैं और इस समय के दौरान प्रकृति में सहज ही स्त्री गुण प्रभावी होता है। देवी की उत्पत्ति को लेकर कई कथाएं प्रचलित हैं और सद्गुरु भी ऐसी ही एक कथा का वर्णन करते हैं जो अस्तित्व में देवी की उत्पत्ति से जुड़ी हुई है। स्त्री तत्व के गुण को दर्शाने वाला मूल शब्द 'री' है और इसी से स्त्री शब्द की भी उत्पत्ति हुई है।

Sadhguru

ब्रह्माण्ड में कैसे हुआ देवी का जन्म?

'री' शब्द का अर्थ होता है 'गति', 'संभावना' या 'ऊर्जा'। 'री' से ही 'आर्या' शब्द भी आया है जो एक सभ्यता या संस्कृति को दर्शाता है। सद्गुरु कहते हैं जब पुरुष तत्व का प्रभुत्व होता है जो प्रभुत्व, कुछ पाने या जीत लेने पर केंद्रित होता है तो संघर्ष की प्रधानता होती है लेकिन वास्तव में एक सभ्यता का निर्माण स्त्री तत्व की मौजूदगी में ही होता है इसलिए इस संस्कृति में स्त्री तत्व को सम्मान दिया गया है।

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