Surya Namaskar Mantra: आध्यात्म का मार्ग आपके मन के साथ शरीर को भी सेहतमंद रखता है। आध्यात्म के प्रथम चरण का मार्ग सूर्य नमस्कार से होकर जाता है। सूर्य नमस्कार जोकि व्यायाम के साथ योगासन है। सनातन धर्म में सूर्य उपासना करने का ये एक माध्यम भी है और सूर्य उर्जा ग्रहण करने का सबसे सरल तरीका भी। सूर्य नमस्कार किसी भी उम्र में किया जा सकता है। इसका एक एक आसन आपके शरीर के हर हिस्से को उर्जित करता है। सूर्य नमस्कार के दौरान कहे जाने वाले मंत्र शरीर में सकारात्मकता के साथ स्वस्थ भाव का संचार करते हैं। यदि प्रतिदिन सूर्य नमस्कार किया जाए तो मोटापा, हृदय रोग, जोड़ाे का रोग, उदर रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह जैसी तमाम परेशानियों से मुक्ति पा सकते हैं।
सूर्य नमस्कार मंत्र
सूर्य नमस्कार के 12 मंत्र
सूर्य नमस्कार की हर मुद्रा में मंत्र दोहराए जा सकते हैं। यदि इन मंत्रों को दोहराते हुए सूर्य नमस्कार का आसन किया जाए तो अधिक लाभ होता है।
ॐ मित्राय नमः
ॐ रवये नमः
ॐ सूर्याय नमः
ॐ भानवे नमः
ॐ खगाय नमः
ॐ पूष्णे नमः
ॐ हिरण्यगर्भाय नमः
ॐ मरीचये नमः
ॐ आदित्याय नमः
ॐ सवित्रे नमः
ॐ अर्काय नमः
ॐ भास्कराय नमः
सूर्य नमस्कार के फायदे
सूर्य नमस्कार के 12 आसन सांस, रक्त संचार, पापन जैसी शारीर की प्रणालियों के कार्यों को दुरुस्त करता है। सूर्य नमस्कार के दौरान मिलने वाले विटामिल डी से हड्डियों मजबूती मिलती है और शरीर का जोड़ जोड़ सही रहता है। शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहता है। आंखाें की रोशनी को फायदा होता है। तनाव से अधिक से अधिक हम दूर रह पाते हैं। दिल, दिमाग दुरुस्त रहते हैं तो क्रोध भी नहीं आता और उच्च रक्तचाप की समस्या दूर हो जाती है। हेयर फॉल रुक जात है। मोटापा कम करने का सबसे अच्छा माध्यम सूर्य नमस्कार ही है। क्योंकि इसके आसन पेट के आस पास की चर्बी को घटाते हैं। और वजन को कंट्रोल करते हैं। बॉडी डिटॉक्स होती है। यदि आप जिम नहीं जा सकते। अधिक दौड़ नहीं सकते तो भी आप सूर्य नमस्कार द्वारा इन सभी के फायदे प्राप्त कर सकते हैं। सूर्य नमस्कार शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करता है। ये बच्चों से लेकर बुजुर्ग और पुरुषों एवं महिलाओं के लिए बहुउपयोगी है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
