Karwa Chauth Vrat Katha: करवा चौथ व्रत पर जरूर सुनें ये कथा, यहां से पढ़ें गणेश जी और बुढ़िया की कहानी

Karwa Chauth Vrat Katha: करवा चौथ की पूजा के समय कहानी सुनने की परंपरा है। कई जगह भगवान गणेश और बुढ़िया की कथा सुनने को मिलती है। आगे पढ़ें करवाचौथ व्रत के लिए गणेश जी और बुढ़िया की कथा।

Karwa Chauth Vrat Katha: करवा चौथ का व्रत सुहाग की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ रखा जाता है। इस दिन महिलाएं विधि-विधान से करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करती हैं। पूजा के दौरान व्रत कथा सुनने और सुनाने की भी परंपरा है। कई स्थानों पर करवा चौथ (Karwa Chauth 2026) के अवसर पर भगवान गणेश और एक वृद्ध महिला से जुड़ी कथा भी सुनाई जाती है। इस कहानी में बुढ़िया की बुद्धिमानी, परिवार के प्रति उसका प्रेम और भगवान गणेश की कृपा का वर्णन मिलता है। आइए जानते हैं गणेश जी और बुढ़िया की यह प्रचलित व्रत कथा।

Karwa Chauth Vrat Katha

करवाचौथ व्रत कथा

टाइम्स नाऊ नवभारत पर यह भी पढ़ें - करवा चौथ पर करें करवा माता के दिव्य दर्शन

करवा चौथ व्रत कथा - Karwa Chauth Vrat Katha

प्राचीन काल में एक गांव में एक बुजुर्ग महिला रहती थी। वह नेत्रहीन थी और उसका एक बेटा तथा बहू थे। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन बुढ़िया भगवान गणेश की परम भक्त थी। वह प्रतिदिन श्रद्धापूर्वक गणेश जी की पूजा करती और उनसे अपने परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करती थी। बुढ़िया की भक्ति से प्रसन्न होकर एक दिन भगवान गणेश उसके सामने प्रकट हुए। उन्होंने कहा, 'माता! मैं तुम्हारी पूजा और भक्ति से प्रसन्न हूं। तुम मुझसे जो चाहो, वह वरदान मांग सकती हो।'

End of Feed