Karwa Chauth Chand Puja Vidhi, Mantra: करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है। इस साल यह व्रत आज यानि 1 नवंबर को रखा जा रहा है। इस दिन चांद को अर्घ्य देने की परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि करवा चौथ का व्रत करने से अखंड सौभाग्य का वरदान मिलता है और परिवार में भी सुख, समद्धि आती है। करवा चौथ पर सुहागिनें सोलह श्रृंगार करके शिव और माता पार्वती के साथ- साथ गणेश भगवान की भी पूजा की जाती है। इस करवा माता की भी पूजा की जाती है। आइए जानते हैं करवा चौथ के दिन चांद की किस तहर पूजा की जाती है और किन मंत्रों का जाप किया जाता है।
Chand Puja Vidhi
करवा चौथ चांद पूजा विधि ( Karwa Chauth Chand Puja Vidhi)
करवा चौथ के दिन चांद निकलने के साथ पहले उसे छलनी से देखना चाहिए। छलनी में चांद देखते समय उसमे एक दीपक जरूर रखें। करवा चौथ के दिन शाम को कथा पूजा करने के बाद चांदी के सिक्के और अक्षत, शक्कर दूध कलश में डालकर चंद्रमा को अर्घ्य दें। अर्घ्य देने के बाद ही करवा चौथ की पूजा सफल मानी जाती है।करवा चौथ चांद की पूजा मंत्र ( Karwa Chauth Chand Puja Mantra)
करकं क्षीरसंपूर्णा तोयपूर्णमयापि वा। ददामि रत्नसंयुक्तं चिरंजीवतु मे पतिः॥ इति मन्त्रेण करकान्प्रदद्याद्विजसत्तमे।श्रीगणेश का मंत्र - ॐ गणेशाय नमः
शिव का मंत्र - ॐ नमः शिवाय
पार्वतीजी का मंत्र - ॐ शिवायै नमः
स्वामी कार्तिकेय का मंत्र - ॐ षण्मुखाय नमः
चंद्रमा का पूजन मंत्र - ॐ सोमाय नमः
'मम सुख सौभाग्य पुत्र-पौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये।'
'नमस्त्यै शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभा। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे।'
