Kartik Purnima Daan 2023: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को कार्तिक पूर्णिमा कहते हैं। कार्तिक पूर्णिमा सनातन धर्म का बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन महादेव ने त्रिपुरासुर नामक असुर का संहार किया था। इसी कारण से इसे त्रिपुरी पूर्णिमा भी कहते हैं। इस अवसर पर पवित्र नदी का स्नान,दीपदान,भगवान की पूजा,आरती,हवन तथा दान का बहुत महत्व है। कार्तिक मास वैसे भी बहुत पुण्य प्रदान करने वाला मास है। इस माह की पूर्णिमा विशेष पुण्य प्रदान करने वाली है। आइए जानते हैं इस दिन क्या करना चाहिए।
कार्तिक पूर्णिमा को करें दीप दान
इस दिन दीप दान का विशेष पुण्य फल है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही संध्या काल में भगवान विष्णु का मत्स्यावतार हुआ था। इसलिए इस दिन विष्णु जी की पूजा का विशेष महत्व है ।इस दिन गंगा स्नान के बाद दीप दान का पुण्य फल दस यज्ञों के बराबर होता है।
कार्तिक पूर्णिमा को क्या करें
- प्रातः काल उठकर व्रत रहने का संकल्प लें। गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान कीजिए।
- श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें।
- श्री रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
- इस पवित्र दिन पर चंद्रोदय के समय शिवा, सम्भूति, प्रीति,अनुसुइया तथा छमा इन 6 कृतिकाओं का पूजन करें।
- इस दिन गो दान का फल अनंत पुण्यदायी है।
- घी और अन्न का दान करें।
- पूजन और हवन करें।
- इस दिन मंदिर में भंडारा करवाएं।
- दीपदान संध्याकाल में ही करें।
- यमुना जी पर कार्तिक स्नान का समापन करके भगवान श्री कृष्ण जी का राधा जी सहित पूजन करके दीपदान करना चाहिए। ऐसा करने से श्री कृष्ण जी की भक्ति प्राप्त होती है।
- इस प्रकार कार्तिक पूर्णिमा के महापर्व का लाभ उठाएं। इस पुनीत अवसर पर श्रद्धा तथा विश्वास पूर्वक पूजा पाठ और हवन इत्यादि करें।
