यमुना छठ और कार्तिक छठ में क्या अंतर है? जान लें इन दोनों छठ पूजा के नियम

कार्तिक माह में पड़ने वाली छठ पूजा में माता पार्वती की पूजा का विधान है। वहीं, चैत्र माह में पड़ने वाली छठ पूजा में माता सीता की पूजा की जाती है। इसी तरह यमुना छठ और कार्तिक छठ में कई सारे अंतर होते हैं। यहां से आप इन दोनों छठ पूजा के बीच का फर्क जान सकते हैं।

छठ का पर्व छठी माता और सूर्य देव को समर्पित है। ये साल में दो बार आता है, एक यमुना छठ है और दूसरा कार्तिक छठ। दोनों ही छठ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू होते हैं और सप्तमी के दिन समापन होता है। दोनों ही छठ के दौरान 36 घंट व्रत रखने का विधान है और संतान की सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना के लिए इस दौरान व्रत रखा जाता है। लेकिन इन दोनों छठ पूजा में कई सारे अंतर भी हैं। यहां से आप यमुना छठ और कार्तिक छठ के बीच का अंतर जान सकते हैं।

यमुना छठ और कार्तिक छठ में क्या अंतर है? (pc: canva)

यमुना छठ क्या है?

यमुना छठ आमतौर पर चैत्र महीने यानी मार्च या अप्रैल में मनाई जाती है। इसे खासकर यमुना नदी के किनारे रहने वाले लोग ज्यादा मानते हैं। इस दिन यमुना मैया की पूजा होती है और उन्हें प्रसन्न करने के लिए व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इससे परिवार की खुशहाली और पापों से मुक्ति मिलती है।

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