Navami Kanya Pujan Muhurat 2025 (कुंवारी कन्या भोज समय): कन्या पूजन शक्ति की पूजा का साक्षात स्वरूप है, जहाँ कन्याओं में देवी का वास माना गया है। कुछ भक्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर ही कन्या भोज करा देते हैं तो वहीं कुछ घरों में महा नवमी पर हवन और कन्या पूजन किया जाता है। अब आज महानवमी है तो आज हवन और कन्या पूजन किया जाएगा। ये दोनों ही कार्य शुभ मुहूर्त देखकर किए जाते हैं, जिससे देवी मां का आशीर्वाद बना रहता है। यहां से आप कन्या पूजन का शुभ समय जान सकते हैं और साथ ही जान सकते हैं कि नवमी के दिन कन्या पूजन कैसे करना है।
कन्या पूजन का शुभ समय 2025-
कन्या पूजन के लिए आज सुबह 6 बजे से लेकर दोपहर 1:23 बजे तक का मुहूर्त शुभ है। वहीं, हवन करने का शुभ समय 9 बजकर 30 से लेकर 11 बजकर 45 तक है।
आज के शुभ मुहूर्त-
- अभिजीत-नहीं है।
- विजय- 02:24pm से03:26pm तक
- गोधूलि- 07:21 pm से 07;44pm तक
- ब्रम्हमुहूर्त- 04:18am से 05;02 am तक
- निशीथ काल- 05:49 से 09;08 बजे सुबह तक
- संध्या पूजा- 06:38pm से 07:09 pm तक
कन्या पूजन कराने की सामग्री-
- लाल या पीला कपड़ा
- रोली
- अक्षत
- हल्दी
- कुमकुम
- फूल
- कलावा (मौली)
- नारियल
- प्रसाद (हलवा, पूड़ी, चने)
- जल से भरा कलश
- दीपक, अगरबत्ती
- नौ कन्याएं
कन्या पूजन कराने की विधि-
सुबह जल्दी उठकर स्नान करके घर की सफाई करें। फिर आस-पास की 2 से 10 वर्ष की कन्याओं को आमंत्रित करें। कन्याओं को घर बुलाकर उनके पैर धोएं और उन्हें साफ आसन पर बैठाएं। उन्हें तिलक लगाएं, अक्षत चढ़ाएं और फूल अर्पित करें। कन्याओं के हाथ में कलावा (मौली) बाँधें। अब बिठाकर हलवा, पूड़ी और काले चने का भोग अर्पित करें। साथ में उन्हें पानी दें। भोजन के बाद कन्याओं को गिफ्ट दें और आशीर्वाद लें।
