कामिका एकादशी के दिन बन रहा ये दुर्लभ संयोग, ऐसे करें महादेव-नारायण की पूजा

सावन मास का पहला सोमवार 21 जुलाई को पड़ रहा है, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत विशेष है। इस दिन भगवान शिव को समर्पित सोमवार के साथ-साथ भगवान विष्णु को प्रिय कामिका एकादशी का संयोग भी बन रहा है। इस दुर्लभ संयोग के साथ कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जो इस दिन को और भी महत्वपूर्ण बनाते हैं।

दृक पंचांग के अनुसार, 21 जुलाई को सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि सुबह 09:38 तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू होगी। नक्षत्र रोहिणी रात 09:07 तक, उसके बाद मृगशीर्षा रहेगा। सूर्य कर्क राशि में रहेंगे और वृद्धि योग शाम 06:38 तक रहेगा। यह संयोग भगवान विष्णु और शिव की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर है।

कामिका एकादशी दुर्लभ संयोग (Photo Source: Canva)

कामिका एकादशी का महत्व

महाभारत काल में स्वयं भगवान कृष्ण ने युधिष्ठिर को कामिका एकादशी के महत्व को बताया था। यह व्रत देवशयनी एकादशी के बाद पहली एकादशी होती है, जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा से सुख-समृद्धि, पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। ब्रह्माजी ने नारदजी को बताया था कि इस व्रत की कथा सुनने मात्र से महायज्ञ का फल मिलता है। इस दिन गंगा में स्नान का भी विशेष विधान है।

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