Amavasya Katha In Hindi: बड़ अमावस्या की संपूर्ण कथा यहां देखें

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated May 19, 2023, 05:47 PM IST

Bar (Jyeshtha) Amavasya Vrat Katha in Hindi (बड़ अमावस्या व्रत कथा हिंदी | ज्येष्ठ अमावस्या व्रत कहानी): ज्येष्ठ अमावस्या व्रत वाले दिन पीपल के पेड़ की पूजा जरूर करनी चाहिए। इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व माना जाता है। ज्येष्ठ अमावस्या को बड़ा अमावस्या (Bad Amavasya 2023) भी कहते हैं। ज्येष्ठ अमावस्या व्रत रखने वाले इस पावन कथा को पढ़ना बिल्कुल भी न भूलें।

Bad (Jyeshtha) Amavasya Vrat Katha in Hindi 2023, Jyeshtha Amavasya 2023 Vrat Katha, Kahani, Story in Hindi (ज्येष्ठ अमावस्या व्रत कथा हिंदी में, बड़ अमावस्या व्रत कथा): हिंदू धर्म में ज्येष्ठ अमावस्या तिथि पितरों की शांति के लिए किए जाने वाले कर्मकांड के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन दान-पुण्य करने का भी विशेष महत्व होता है। कहते हैं जो व्यक्ति इस दिन अपने पितरों के नाम से पिंड दान और तर्पण करता है उसके ऊपर से पितृदोष का अशुभ प्रभाव खत्म हो जाता है। कई लोग अमावस्या तिथि पर व्रत भी रखते हैं। इस दिन व्रत करने से मोक्ष की प्राप्ति होने की मान्यता है। यहां जानिए ज्येष्ठ अमावस्या (बड़ अमावस्या) की व्रत कथा।

Bad Amavasya Vrat Katha in Hindi 2023

ज्येष्ठ अमावस्या व्रत कथा के अनुसार, एक गरीब ब्राह्मण परिवार था। जिसमें पति-पत्नी और उसकी एक पुत्री साथ रहती थी। उनकी पुत्री समय के साथ-साथ धीरे-धीरे बड़ी होने लगी। उस पुत्री में बढ़ती उम्र के साथ सगुणों का विकास हो रहा था। वो कन्या दिखने में बहुत सुंदर, संस्कारवान और गुणवान थी लेकिन गरीब होने की वजह से उसका विवाह नहीं हो पा रहा था।

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